Monday, May 22, 2017
विश्वविद्यालयों को यूजीसी के निर्देश, तीन साल से पहले नहीं बदलेगा पाठ्यक्रम
बीकानेर
विश्व विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों में तीन साल से पहले बदलाव नहीं करने के निर्देश सभी विश्वविद्यालयों को दिए हैं। अब छात्र तीन साल तक वही पाठ्यक्रम पढ़ सकेंगे।
इसके पीछे यूजीसी का उद्देश्य छात्रों को संबंधित पाठ्यक्रम में परिपूर्ण करना है। इससे पहले हर साल पाठ्यक्रम में बदलाव किया जाता था। विश्वविद्यालयों से जुड़े विशेषज्ञों की मानें तो इस बार पाठ्यक्रम प्रतियोगी परीक्षाओं को ध्यान में रखते तथा सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में परिवर्तन का समावेश करते हुए बनेगा।
इसके लिए विश्वविद्यालय में सत्र 2017-18 के लिए अध्ययन मण्डल की बैठक 28 मई से होगी। इसमें सभी तरह के पाठ्यक्रम तैयार होंगे। विश्वविद्यालय में छह संकाय हैं, इनमें कला, वाणिज्य, विज्ञान, शिक्षा, विधि और सामाजिक विज्ञान शामिल हैं। इन छह संकायों में करीब 36 विषय हैं। इन सभी विषयों के पाठ्यक्रम इसमें तैयार होंगे और उनके प्रस्ताव विद्या परिषद की अगली बैठक में रखे जाएंगे।
प्रतियोगी परीक्षा के अनुकूल
विश्वविद्यालय के उप कुल सचिव डॉ. बिट्ठल बिस्सा के अनुसार विश्वविद्यालय प्रबंधन का प्रयास होगा कि प्रतियोगी परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए पाठ्यक्रम बनाया जाए।
Saturday, April 29, 2017
यूजीसी ने दिया universities को ये ऑर्डर, पीएचडी स्कॉलर्स के आधार नंबर रखें गोपनीय
अजमेर।
विश्वविद्यालय शोधार्थियों के आधार नंबर वेबसाइट पर सार्वजनिक नहीं कर सकेंगे। आधार कार्ड अधिनियम के नियमों के चलते यूजीसी ने पुराने आदेश में संशोधन किया है। सभी विश्वविद्यालयों को इसकी पालना करनी जरूरी होगी।
विश्वविद्यालयों में कला, वाणिज्य, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, विधि, प्रबंध अध्ययन और अन्य संकायों में विषयवार पीएचडी होती है।
वर्ष 2009-10 से यूजीसी पीएचडी और एमफिल में प्रवेश परीक्षा की अनिवार्यता लागू कर चुका है। कई विश्वविद्यालय शोधार्थियों की संख्या, टॉपिक, गाइड आवंटन, नामांकन और सूचनाएं सार्वजनिक नहीं करते।
इसके चलते यूजीसी ने 9 मार्च को आदेश जारी किए। इसमें विश्वविद्यालयों के लिए वेबसाइट पर एमफिल और पीएचडी में पंजीकृत शोधार्थी, शोध का टॉपिक, सुपरवाइजर और सहायक सुपरवाइजर का नाम, नामांकन/पंजीयन की तिथि, आधार कार्ड/फोटो पहचान पत्र की सूचना देना अनिवार्य कर दिया।
अधिनियम नहीं देता इजाजत
यूजीसी के सचिव प्रो. जसपाल सिंह सन्धु ने जारी आदेश में बताया कि आधार (वित्तीय, सब्सिडी, लाभांश और सेवा) अधिनियम-2016 के तहत आधार नम्बर को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित, मुद्रित और प्रकाशित नहीं किया जा सकता। इसके चलते विश्वविद्यालय शोधार्थियों के आधार नम्बर सार्वजनिक नहीं कर सकेंगे।
Wednesday, April 26, 2017
जुलाई में शुरू होगी नेट की परीक्षा
नई दिल्ली (संवाददाता)। राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा :नेट: को लेकर बनी अनिश्चितता को समाप्त करते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने फैसला किया है कि सीबीएसई जुलाई में यह परीक्षा कराएगी। इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जल्द जारी की जा सकती है।जूनियर रिसर्च फेलोशिप और विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों में सहायक प्रोफेसर बनने की पात्रता के लिए हर साल जुलाई और दिसंबर में यह परीक्षा आयोजित की जाती है।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड :सीबीएसई: ने पिछले साल परीक्षा कराने में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के समक्ष असमर्थता जताते हुए कहा था कि उस पर अन्य परीक्षाओं के आयोजन का काम भी है।
मंत्रालय ने इस संबंध में कोई दिशानिर्देश जारी नहीं किया, वहीं सीबीएसई ने अभी तक जुलाई में होने वाली परीक्षा के लिए अधिसूचना जारी नहीं की है जो सामान्य तौर पर हर साल अप्रैल के पहले सप्ताह में कराई जाती है।
पिछले सप्ताह कई छात्रों ने यूजीसी दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया था और मांग की थी कि परीक्षा को लेकर अनिश्चितता समाप्त की जाए और अधिसूचना जारी की जाए।
Thursday, April 20, 2017

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