
Monday, May 22, 2017

शिक्षक प्रशिक्षण स्थल बदले
दौसा. जिला स्तरीय प्रशिक्षण समिति की शनिवार को बैठक आयोजित हुई। इसमें सरकार के नए आदेश के अनुसार पर्याप्त स्नानागार व शौचालयों की व्यवस्था नहीं होने पर कई प्रशिक्षण स्थल बदले गए।
एडीपीसी अशोक शर्मा ने बताया कि दूसरे चरण का शिविर 22 मई से शुरू होगा। इसके लिए दौसा ब्लॉक का प्रशिक्षण स्थल अब केन्द्रीय स्कूल से बदलकर सेंट मेरी स्कूल के समीप जीवनधारा समाज कल्याण संस्थान किया गया है।
सिकराय में मूंडियाखेड़ा का अम्बेडकर छात्रावास, बांदीकुईमें सरस्वती विद्या विहार तथा लालसोट में राजकीय ज्योतिबा फुले छात्रावास में शिविर आयोजित होगा। महुवा व लवाण ब्लॉक के शिविर स्थल यथावत रहेंगे।
इधर, पहले चरण का प्रशिक्षण का समापन शनिवार को हुआ। दौसा बीईईओ बृजमोहन गुप्ता ने बताया कि आखिरी दिन शिक्षकों से फीडबैक लिया तथा पोस्ट टेस्ट भी आयोजित किया।
सिकराय. कस्बे के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में छह दिवसीय शिक्षण प्रशिक्षण शिविर का शनिवार को समापन हुआ।
शिविर प्रभारी विशम्भरदयाल मीना ने शिविर में सीखे गुर का उपयोग करने की बात कही। आरपी हंसराम गुर्जर, शिवहरी मीना, विजयसिंह गुर्जर आदि ने भी विचार व्यक्त किए। सिकराय में तीसरी बार शिविर स्थल बदलकर अब मंूडियाखेडा के अम्बेडकर छात्रावास रखा गया है।
Wednesday, May 17, 2017
जबरन थोपे प्रशिक्षण में शिक्षक पड़े भारी, सुबह की हाजिरी में 120, रात को मिले सात
बाड़मेर.
शिक्षक संघों के विरोध के बावजूद सरकार की ओर से शुरू किए ग्रीष्मकालीन आवासीय शिक्षक प्रशिक्षण शिविरों में शिक्षक ही भारी पड़ रहे हैं। पत्रिका टीम ने मंगलवार को ऐसे आवासीय शिविर स्थलों की टोह ली तो दो से चार अध्यापक ही नजर आए। हालांकि इसमें प्रावधान बायोमीट्रिक हाजिरी का भी है। प्रतिदिन सुबह-शाम बायोमीट्रिक हाजिरी अनिवार्य की गई है, लेकिन इसकी पालना भी नहीं हो रही है। इधर, शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों का कहना है कि शिविर स्थल पर सरकार कोई सुविधा ही नहीं दे रही। ऐसे में वहां रुकना मुमकिन नहीं है।
यहां ये मिले हालात
स्थान- महाबार रोड स्थित सिद्धेश्वर महादेव मंदिर
समय- रात 11:30 बजे
स्थिति- यहां साठ-साठ के समूह में दो शिविर चल रहे हैं। जहां रात को महज सात शिक्षक गहरी नींद में सो रहे थे। यहां शिक्षकों ने सुबह आवासीय शिविर का काली पट्टी बांधकर विरोध भी किया था। रात्रि भोजन के बाद करीब 95 प्रतिशत शिक्षकों ने घर की राह पकड़ ली।
बायोमीट्रिक का कार्य धीमा
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को उपस्थिति पर नजर रखने के लिए सरकार ने बायोमीट्रिक मशीन लगाई है। ऐसे में एक ही मशीन होने से 60 शिक्षकों को कतार में लगना पड़ता है। अधिकांश बार इसमें एक घंटे से अधिक का समय लग जाता है। जबकि मंगलवार को बायोमीट्रिक मशीन खराब होने से कई शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज ही नहीं हो पाई। प्रशिक्षण के दौरान शाम 7 बजे के बाद महज खाने के अलावा कोई कार्यक्रम ही नहीं है। इसके बावजूद सरकार ने शिक्षकों को रात में रुकने के लिए पाबंद किया है। महिला शिक्षकों को इससे ज्यादा परेशानी हो रही है।
चिकित्सा किट नहीं
आवासीय शिविर में एक बैच में 60 शिक्षण प्रशिक्षण लेते हैं। ऐसे में गर्मी के मौसम में अचानक खराब हो जाए तो विभाग के पास में चिकित्सा सेवा किट भी उपलब्ध नहीं है।
Saturday, May 13, 2017
किसी की रीढ़ की हड्डी तो किसी के पेट में कैंसर का ऑपरेशन, कैसे रहेंगी आवासीय कैम्प में अध्यापिकाएं
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रासीसरस्कूल में टीचर ऊषा के सरवाइकल के कारण गले में हर वक्त पट्टा बंधा रहता है। रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन हो चुका है। कमर में भी पट्टा बांधना पड़ता है। इसी प्रकार गोविंद तालाब यूपीएस में अध्यापिका संगीता शर्मा के पेट में कैंसर की गांठ का ऑपरेशन हो चुका है। उसके भी कमर पर पट्टा बंधा हुआ है। आवासीय शिविर को लेकर परेशान इन अध्यापिकाओं ने बुधवार को शिक्षा निदेशालय के बाहर शुरू हुए हस्ताक्षर अभियान में पहुंच कर अपनी पीड़ा बयान की। दोनों अध्यापिकाओं के मेजर सर्जरी हो चुकी है और इन दिनों वे चिकित्सीय व्यवस्थाओं के अनुसार ही रहती हैं। आवासीय शिविर में उनके लिए अनुकूल व्यवस्थाएं नहीं हो सकेंगी। इसे लेकर दोनों चिंतित हैं। ऐसी कई अध्यापिकाएं अपनी समस्याएं लेकर आवासीय शिविर के विरोध में हस्ताक्षर करने पहुंची। पहले ही दिन 400 से अधिक शिक्षकों ने अभियान के विरोध में हस्ताक्षर किए। भीषण गर्मी में निदेशालय के बाहर टैंट लगाए अभियान के संयोजक बनवारी शर्मा और अनिल जोशी सोशल मीडिया के जरिए लगातार शिक्षकों से संपर्क में लगे रहे। शिक्षक संघ प्रगतिशील के जी.एस.मान, शारीरिक शिक्षक संघ के धूमल भाटी, भगत सिंह ने किशोर पुरोहित सहित कई शिक्षक नेताओं ने मौके पर पहुंचकर अभियान का समर्थन किया।
इधर, परिषद ने शुरू की तैयारी
आवासीयशिक्षक प्रशिक्षण शिविरों के विरोध के चलते राजस्थान प्रारंभिक शिक्षा परिषद ने शिविर संचालन की तैयारी शुरू कर दी है। परिषद उपायुक्त स्नेहलता हारित इस सिलसिले में जयपुर से यहां पहुंची। परिषद कार्यालय में उन्होंने प्रशिक्षण को लेकर बीईईओ, पीई ईओ एवं आरपी की मीटिंग ली। शिविर की व्यवस्थाओं के बारे में पूछा। डीईओ प्रारंभिक एवं डाइट प्राचार्य ब्रह्म दत्त शर्मा, डीईओ माध्यमिक केके मुदगल, एडी पीसी जोरावर सिंह, एडी पीसी रमसा हेतराम बिश्नोई, प्रशिक्षण प्रभारी सरोज सोलंकी भी इस अवसर पर मौजूद थे। दूसरी तरफ वरिष्ठ शिक्षक संघ रेस्टा की जिला कार्यकारिणी की बैठक में भी आवासीय शिविरों का विरोध किया गया। लाली बाई पार्क में हुई बैठक में प्रदेश प्रवक्ता मोहर सिंह मीणा ने आवासीय शिविरों के औचित्य पर सवाल उठाए। जिलाध्यक्ष शिवचरण जोशी ने सभी उमावि में अनिवार्य विषयों के पद सृजित करने, प्रिंसिपल के पद स्वीकृत करने की बात कही। बजरंग मोयल, आनंद व्यास, ओम पूनिया,नवर| मेघवाल आदि नेता भी मौजूद थे।
शिक्षा निदेशालय के बाहर लगे कैंप में आवासीय शिविरों के विरोध में हस्ताक्षर करते शिक्षक।
संगीता शर्मा, अध्यापिका
ऊषा, अध्यापिका
शिक्षक संघ राष्ट्रीय के कार्यकर्ता करेंगे कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन
भीषणगर्मी में आवासीय प्रशिक्षण शिविर लगाने के विरोध में शिक्षक संघ राष्ट्रीय के कार्यकर्ता गुरुवार कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करेंगे। संगठन के जिला मंत्री राजेश जोशी ने बताया कि जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर शिविर गैर आवासीय करने, सुविधानुसार प्रशिक्षण लेने की छूट देने तथा एक जिले से दूसरे जिले में प्रशिक्षण लेने के आदेश वापस लेने की मांग की जाएगी।
निदेशालय पर आज पिकेटिंग
राजस्थानप्रारंभिक शिक्षा परिषद की ओर से 15 मई से प्रस्तावित आवासीय शिविरों के विरोध में शिक्षक गुरुवार को निदेशालय पर पिकेटिंग करेंगे। संयोजक अनिल जोशी ने बताया कि सुबह 10 से दोपहर तीन बजे तक हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। उसके बाद शिक्षा निदेशक का घेराव कर उन्हें ज्ञापन सौंपा जाएगा। शिक्षक उस वक्त तक निदेशालय से नहीं जाएंगे जब तब शिविरों को गैर आवासीय कर जिला मुख्यालय पर आयोजित करने के आदेश जारी नहीं किए जाते। बनवारी शर्मा ने बताया कि जिले में चार हजार से अधिक शिक्षकों का चयन शिविर के लिए हुआ है।
नेत्रहीनगर्भवती अध्यापिकाओं को छूट
नेत्रहीनऔर गर्भवती अध्यापिकाओं को आवासीय प्रशिक्षण शिविरों से छूट दे दी गई है। बीकानेर ब्लॉक में सपना खत्री नेत्रहीन हैं। इसी प्रकार श्रीडूंगरगढ़ में सरिता चौधरी उर्मिला मीणा, नोखा में गीता चौधरी, बीकानेर में नेक परवीन चारों गर्भवती हैं। लूणकरणसर की शशिबाला गोदारा के छह माह का छोटा बच्चा है। इन सभी अध्यापिकाओं को आवासीय प्रशिक्षण शिविरों से मुक्त करने के लिए जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक ने आदेश जारी किए हैं।
मुख्यसचिव को दिया ज्ञापन
राजस्थानप्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश पदाधिकारियों ने प्रारंभिक शिक्षा परिषद की ओर से लगाए जा रहे आवासीय शिविरों के विरोध में बुधवार को जयपुर में मुख्य सचिव को ज्ञापन दिया है। महामंत्री महेन्द्र पांडे के अनुसार प्रदेशाध्यक्ष शशि भूषण वरिष्ठ उपाध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने मुख्य सचिव को ग्रामीण क्षेत्रों के भौगोलिक हालात और स्कूलों की स्थिति की जानकारी दी। उन्हें बताया कि शिविरों के गैर आवासीय करने, किसी भी जिले और ब्लॉक के शिविर में भाग लेने की छूट होनी चाहिए।
राज्यभर में आवासीय टीचर्स ट्रेनिंग कैम्प का विरोध
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बीकानेर|ग्रीष्मावकाश में होने वाले आवासीय टीचर्स ट्रेनिंग कैम्पों को लेकर राज्यभर में शिक्षक समुदाय विरोध कर रहा है। ट्रेनिंग कैम्पों को गैर आवासीय करने की मांग पर शिक्षक वर्ग डटा हुआ है। शिक्षक नेताओं ने चेतावनी दी है, यदि राज्य सरकार ने मांगें नहीं मानी तो कैम्पों का बहिष्कार किया जाएगा। इसी कड़ी में पिछले दो दिन से जिले में भी शिक्षकों की ओर से विरोध-प्रदर्शन का क्रम जारी है।
778 शिक्षकों ने किए हस्ताक्षर
आवासीयशिविर के विरोध में शिक्षा निदेशालय के सामने हस्ताक्षर अभियान गुरुवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। संयोजक बनवारी शर्मा और अनिल जोशी ने बताया कि दो दिनों में कुल 778 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने हस्ताक्षर कर आवासीय शिविर को गैर आवासीय करने की मांग की है। हस्ताक्षर अभियान के बाद शिक्षकों का एक प्रतिनिधि मंडल संयुक्त निदेशक कार्मिक नूतन बाला कपिला से मिला। आम शिक्षकों ने आवासीय शिविरों के आदेश पर शिक्षा सचिव के खिलाफ नाराजगी व्यक्त किए। प्रतिनिधि मंडल ने संयुक्त निदेशक कार्मिक को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर गैर आवासीय शिविर आयोजित करने की मांग रखी। प्रतिनिधि मंडल में शिक्षक नेता श्रवण पुरोहित, संजय पुरोहित, जी.एस.मान, किशोर पुरोहित, धूमल भाटी आदि शामिल हुए।
कलेक्ट्रेटपर प्रदर्शन
शिक्षकसंघ राष्ट्रीय के बैनर तले जिले के शिक्षकों ने आवासीय शिविर के विरोध में गुरुवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। वहीं बीकानेर प्रभारी मंत्री डॉ.रामप्रताप से मिलकर आवासीय शिविर को गैर आवासीय करवाने की मांग रखी। जिलाध्यक्ष राजेश जोशी ने कहा कि अब तक गैर आवासीय शिविर आयोजित होते आए है लेकिन इस बार सरकार ने आवासीय शिविर का फैसला किया है। जिससे शिक्षकों में आक्रोशित है। प्रभारी मंत्री ने मोबाइल पर शिक्षामंत्री से वार्ता कर शिक्षकों की समस्या से अवगत करवाया। वहीं प्रारंभिक शिक्षा निदेशक से भी मोबाइल पर वार्ता कर पत्र सरकार को भेजने के निर्देश दिए। इससे पूर्व प्रदेश मंत्री रवि आचार्य, मंडल संयुक्त मंत्री ओमप्रकाश बिश्नोई, सुरेश व्यास के नेतृत्व में शिक्षकों ने कलेक्टर को शिक्षा मंत्री के नाम का ज्ञापन सौंपा। शिक्षक संघ प्रगतिशील के प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रप्रकाश शर्मा ने भी आवासीय शिविर का विरोध किया है।
आवासीय टीचर्स का ट्रेनिंग कैम्पों के बहिष्कार की चेतावनी
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बीकानेर | ग्रीष्मावकाशमें प्रस्तावित आवासीय टीचर्स ट्रेनिंग कैम्पों का विरोध जारी है। विभिन्न शिक्षक संगठन भीषण गर्मी में होने वाले इन आवासीय शिविरों के विरोध में संघर्षरत हैं। शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने अपना फैसला नहीं बदला तो 15 मई से शुरू होने वाले कैम्पों का बहिष्कार करेंगे।
महासंघ (एकीकृत) के जिलाध्यक्ष भंवर पुरोहित के नेतृत्व में प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय मे निदेशक की अनुपस्थिति में सहायक निदेशक से मिले। प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि आवासीय शिविर में शिक्षकों को बेवजह पेरशानी होगी। लिहाजा कैम्पों को गैरआवासीय किया जाए। उन्होंने प्रबोधकों की मांगों का 10 सूत्री ज्ञापन भी सौंपा। वहीं शिक्षक संघ राष्ट्रीय के पदाधिकारियों ने शिक्षा निदेशालय पर विरोध-प्रदर्शन कर कैम्पों को गैरआवासीय करने की मांग रखी। प्रदेश मंत्री रवि आचार्य और मंडल संयुक्त मंत्री ओमप्रकाश के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने माध्यमिक और प्रारंभिक शिक्षा के अधिकारियों को अलग-अलग ज्ञापन देकर शिविर गैर आवासीय करवाने की मांग की।
रवि आचार्य ने कहा कि गर्मी में पर्याप्त आवासीय सुविधाओं के अभाव में ट्रेनिंग कैम्प केवल औपचारिकता पूर्ण बनकर रह जाएंगे। शिक्षक संघ प्रगतिशील के पदाधिकारियों ने संयुक्त निदेशक विजय शंकर आचार्य प्रारंभिक शिक्षा निदेशक के निजी सचिव को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा।
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