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Monday, July 3, 2017

Praveen Singh

जोधपुर में यूं बनाया जा रहा था शिक्षा के मंदिर का मजाक, बच्चों के भविष्य से किया खिलवाड़




जोधपुर

जिले में कई स्कूल बिना मान्यता के चल रहे हैं और बहुत से स्कूल केवल विद्यार्थियों के नाम ऑन रिकार्ड रख कर उन्हें दूसरी जगह से शिक्षण करवा रहे हैं। एेसी ही एक शिकायत के आधार पर बापिणी ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी नारायणसिंह ने बरसिगों का बास स्कूल की जांच की। इस संबंध में बीईईओ ने जोधपुर जिला शिक्षा अधिकारी को जांच रिपोर्ट सौंपी है। इस विद्यालय के पास किसी तरह की मान्यता नहीं थी।

बीईईओ नारायणसिंह सिसोदिया ने बताया कि 21 जून को वैलकम भाटी शिक्षण व विकास संस्थान का रजिस्ट्रेशन पाया गया। स्कूल में मौके पर 73 छात्र-छात्राएं बैठे हुए पाए गए। जबकि यहां किसी तरह से विद्यार्थियों का रिकार्ड नहीं पाया गया। ज्यादातर बच्चे छह वर्ष से कम आयु के पाए गए। स्कूल ने मौके पर ऑनलाइन आवेदन करना बताया, लेकिन इसकी हार्डकॉपी व आवेदन सम्बंधित अन्य दस्तावेज मौके पर नहीं पाए गए। इस जगह कुछ शिक्षक पढ़ाते हुए भी मिले।

बीईईओ नारायणसिंह ने कहा कि आरटीई नियम के तहत बगैर मान्यता विद्यालय संचालन करना गलत है। राजकीय नियमानुसार बगैर मान्यता विद्यालय संचालन व बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना उचित नहीं है। उन्होंने स्कूल को हिदायत दी कि विद्यालय में नामांकित बच्चों का नजदीक के सरकारी या मान्यता प्राप्त विद्यालय में प्रवेश दिला कर मान्यता की प्रकिया पूरी करने तक स्कूल बंद रखें।

उन्होंने कहा कि बिना मान्यता प्राप्त विद्यालय संचालन करने के संबंध में संबंधित पुलिस थाने में और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। बीईईओ सिसोदिया ने बताया कि मौके पर उपस्थित शिक्षकों ने ट्यूशन करने का हवाला दिया। उन्होंने पूछा था कि स्कूल समय में कैसा ट्यूशन है। मौके पर एसआर रजिस्ट्रर, फीस संबंधित रिकार्ड व हाजरी रजिस्टर इत्यादि कुछ नहीं मिला।


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Thursday, June 15, 2017

Praveen Singh

जोधपुर के 'गुरुजी' को क्यों आ गया 'गुस्सा' ... हो गए मजबूर कुछ एेसा करने को

जोधपुर



प्र्रारम्भिक शिक्षा विभाग की ओर से मंगलवार को आयोजित काउंसलिंग में पैराटीचर्स को ग्राम पंचायत से हटा कर दूर दराज लगा दिया गया, जिसका पैराटीचर्स ने जम कर विरोध किया। उन्होंने शिक्षा विभाग के खिलाफ जम कर नारेबाजी की और प्रदर्शन किया। दरअसल पैराटीचर्स का कहना था कि उनका मानदेया 6500 है, जिसमें 30 किलोमीटर जाना संभव नहीं है। एेसे में या तो मानदेय बढ़ा दिया जाए या फिर उन्हें उनकी ग्राम पंचायत से हटाया ही ना जाए।


सवा दो घंटे में 10 की काउंसलिंग

प्र्रारम्भिक शिक्षा विभाग ने सवा दो घंटे में महज 10 शिक्षकों की काउंसलिंग की। इसके बाद यहां मौजूद शिक्षक संगठनों ने काउंसलिंग रुकवा दी। इन सबका कहना था कि कम मानदेय में दूर जाकर नौकरी करना संभव नहीं है।


ना पानी ना हवा

काउंसलिंग के दौरान शिक्षकों को गर्मी में झुलसना पड़ा। 38 डिग्री तापमान के बावजूद यहां ना पानी की व्यवस्था थी और ना ही पंखे और कूलर की। शिक्षकों ने इन अव्यवस्थाओं और खामियों के लिए भी रोष प्रकट किया।


शिक्षा सचिव को दिखाए जूते

पैराटीचर्स की काउंसलिंग में कुल 142 शिक्षक मौजूद थे। इन्होंने शिक्षा सचिव सहित अन्य शिक्षा अधिकारियों को जूते दिखाकर अपना विरोध जताया। इस दौरान जिला परिषद सीईओ ने उनसे समझाइश भी की। प्रदर्शन में लगभग सभी शिक्षक संगठनों ने पैराटीचर्स के समर्थन में आक्रोश दर्ज कराया। इसमें राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के रूपाराम रलिया व त्रिलोक राम नायल, राजस्थान शिक्षक एवं पंचायती राज कर्मचारी संघ शंभू सिंह मेड़तिया व संतोक सिंह व राजस्थान शिक्षक संघ राधाकृष्णन के मनीष कुमार आचार्य और जसवंत सिंह भाटी शामिल थे।

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Praveen Singh

जोधपुर में बनेगा एेसा सरकारी स्कूल जिसकी सुविधाएं जान चौंक जाएंगे आप



जोधपुर ।

राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय डिगाड़ी अब मॉडल स्पोट्र्स स्कूल बनेगा। उप जिला शिक्षा अधिकारी शारीरिक शिक्षा उम्मेदसिंह चारण ने बताया कि मॉडल स्पोट्र्स स्कूल का प्रस्ताव बनाकर भेजा जा चुका है। जिसमें डिगाड़ी का मॉडल स्कूल के लिए चयन किया गया है। निदेशालय ने सरकार को रिपोर्ट पेश कर दी है। अब आगे की कार्यवाही सरकार की ओर से की जाएगी।


 ये मिलेंगी सुविधाएं

राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय डिगाड़ी में विद्यालय परिसर के अलावा कुल 40 बीघा भूमि है। जहां पर खेल सुविधाएं विकसित की जाएगी। खेल सुविधाओं के लिए भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार, एथलेटिक्स ट्रैक, फुटबॉल ग्राउण्ड, सॉफ्टबॉल ग्राउण्ड, बैडमिंटन, टेबल टेनिस आदि के लिए इनडोर स्टेडियम होगा। इसके अलावा, वालीबॉल ग्राउण्ड, हॉकी ग्राउण्ड, बास्केटबॉल कोर्ट, टेनिस कोर्ट आदि 36 बीघा भूमि में विकसित किए जाएंगे। शेष 4 बीघा भूमि में हॉस्टल व फूड एरिया व कांफ्रेंस हॉल प्रस्तावित है। मॉडल स्पोट्र्स स्कूल के लिए खेल सुविधाओं के विकास के साथ स्टाफ का भी प्रस्ताव भेजा गया है। जिनमें प्रधानाचार्य के अलावा 10 विभिन्न खेल प्रशिक्षक सहित कुल 23 के स्टाफ का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है।

खबर का असर

राजस्थान पत्रिका ने गत 3 मई को ' मॉडल स्पोट्र्स स्कूल की आस में गुजर गए तीन वर्ष Ó शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। जिसमें बताया गया था कि वर्ष 2013 में सुराज संकल्प यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने मॉडल स्कूलों की तर्ज पर जिला मुख्यालयों पर मॉडल स्पोट्र्स स्कूल खोले जाने की घोषणा की थी। जिसकी बजट घोषणा पत्र की क्रियान्विति नहीं हो पाई और आज तक प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर मॉडल स्पोट्र्स स्कूल नहीं खुले है।

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Friday, June 2, 2017

Praveen Singh

जोधपुर के छात्र पर यूं गिरी शिक्षा बोर्ड की गाज, मार्कशीट देख पैरों तले जमीन खिसकी



जोधपुर

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से घोषित 12वीं कला वर्ग के रिजल्ट में जोधपुर शहर के एक छात्र को अंग्रेजी अनिवार्य परीक्षा में उपस्थिति के बावजूद अनुपस्थित बता दिया गया। सूरसागर स्थित वंदना पब्लिक सीनियर सैकंडरी स्कूल के कला वर्ग के छात्र देवेन्द्र दाधीच को अंग्रेजी अनिवार्य की परीक्षा में बोर्ड ने जारी मार्कशीट में अनुपस्थित बताया है। जबकि छात्र की परीक्षा के दिन राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय सूरसागर में उपस्थिति बोल रही है। इस अनुपस्थिति के कारण छात्र का परिणाम पूरक घोषित किया गया।

छात्र देवेन्द्र के पिता भरत दाधीच बता रहे हैं कि उनका पुत्र परीक्षा देने गया था। जिसका प्रमाण परीक्षा केन्द्र की स्कूल में मौजूद है। एेसे में इस तरह के रिजल्ट से उन्हें हताशा हाथ लगी है। जबकि उनके पुत्र के हिन्दी अनिवार्य, हिन्दी साहित्य, राजनीतिक विज्ञान व इतिहास जैसे विषयों को कुल मिलाकर 219 अंक आए हैं। इसके अलावा स्कूल से अंग्रेजी विषय में सत्रांक 19 भेजे गए हैं।

इनका कहना

छात्र की शिकायत के बाद उपस्थिति दस्तावेज जांचे गए। इस दस्तावेज के दौरान विद्यार्थी देवेन्द्र अंग्रेजी का पेपर देने आया था। जबकि उन्होंने विद्यार्थी की उत्तर पुस्तिका भी बोर्ड भिजवाई थी। स्कूल की वीडियोग्राफी में भी विद्यार्थी मौजूद है।

- मंजू शर्मा, प्रिंसिपल, राबाउमावि सूरसागर

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विद्यार्थी परीक्षा में अनुपस्थित नहीं रहा है। उसके बावजूद बोर्ड का यह रवैया निराशाजनक है। विद्यार्थी जांच में उत्र्तीण होगा।

- संदीप तंवर, विद्यार्थी के शिक्षक

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बोर्ड स्तर पर गलती हुई है तो बोर्ड सुधार देगा। विद्यार्थी के रोल नंबर एसएमएस कर दीजिए।

- राजेन्द्र गुप्ता, उपनिदेशक, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर 


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Thursday, May 18, 2017

Praveen Singh

जोधपुर एनएलयू ने फिर बढ़ाया मान, 100 फीसदी रहा विद्यार्थियों का प्लेसमेंट


बासनी/जोधपुर

नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जोधपुर में वर्ष 2013-14 से वर्ष 2016-17 की अवधि में एमबीए तथा एमएस इंश्योरेंस की उपाधि प्राप्त करने वाले छात्रों का 80 से 100 प्रतिशत तक प्लेसमेंट हुआ है।

एनएलयू जोधपुर एशिया के सर्वाधिक विश्वसनीय ब्राण्ड में शुमार, बैंकॉक में मिला सम्मान

विश्वविद्यालय के अंतर्गत कार्यरत स्कूल ऑफ इंश्योरेंस स्टडीज के निदेशक प्रो. केएन भंडारी ने बताया कि एमबीए में वर्ष 2013-15 बैच का 100 प्रतिशत, वर्ष 2014-16 बैच का 90 प्रतिशत तथा वर्ष 2015-17 बैच के विद्यार्थियों का 86 प्रतिशत प्लेसमेंट हुआ। उन्होंने बताया कि वर्ष 2013-15 बैच में कुल 11 विद्यार्थी अध्ययनरत थे, उन सभी का कैम्पस प्लेसमेंट हुआ। इसी प्रकार वर्ष 2014-16 बैच में 20 छात्र अध्ययनरत थे, जिनमें से 18 छात्रों का कैम्पस प्लेसमेंट हुआ। वर्ष 2015-17 में 14 छात्र अध्ययनरत हैं, जिनमें से 12 छात्रों का कैम्पस प्लेसमेंट हो चुका है।

यह है देश की दूसरी सबसे अच्छी लॉ यूनिवर्सिटी

स्कूल ऑफ इश्योरेंस स्टडीज के एक्जीक्यूटिव डाइरेक्टर डॉ. आर. के. पुरोहित ने बताया कि एमएस इंश्योरेंस में वर्ष 2013-15 बैच में अध्ययनरत 11 छात्रों में से 10 छात्रों का कैम्पस प्लेसमेंट हुआ जो कि 80 प्रतिशत था। वर्ष 2015-16 में 18 छात्र अध्ययनरत थे, जिनमें से सभी 18 छात्रों का कैम्पस प्लेसमेंट हुआ जो कि 100 प्रतिशत था। इसी प्रकार वर्ष 2016-17 में अध्ययनरत 19 छात्रों में से 16 छात्रों का कैम्पस प्लेसमेंट हो चुका है, जो कि इस बैच में अध्ययनरत कुल छात्रों का 85 प्रतिशत है। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम सक्सेना ने सभी चयनित छात्रों को बधाई दी। 


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Tuesday, May 2, 2017

Praveen Singh

हाईवे के हादसे रुकवाने अदालत पहुंची विधि छात्रा


मेगा हाइवे पर लगातार बढ़ते हादसे रोकने के लिए सरकार व प्रशासन की ओर से जरूरी इंतजाम नहीं करने पर जोधपुर की विधि छात्रा अदिति वैष्णव ने राजस्थान हाईकोर्ट में जनहित याचिका लगाई है। 

याचिका पर न्यायालय ने नोटिस जारी कर राज्य सरकार व राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। एलएलबी अंतिम वर्ष की छात्रा अदिति वैष्णव स्वयं इस मामले में अपनी पैरवी कर रही हैं।

खासी नाराजगी जताई

 मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नन्द्राजोग व न्यायाधीश डॉ. पुष्पेन्द्रसिंह भाटी की खण्डपीठ ने सोमवार को इस मुद्दे पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार की ढिलाई पर खासी नाराजगी जताई। राज्य सरकार ने कई महीनों बाद भी याचिका पर जवाब तक पेश नहीं किया। खण्डपीठ ने 8 अगस्त तक जवाब पेश करने की मोहलत देते हुए सुनवाई मुल्तवी करने के निर्देश दिए।

पांच साल में 246 मौतें

विधि छात्रा अदिति ने याचिका में जोधपुर से बाड़मेर तक 199 किलोमीटर तक राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-25 में लगातार हो रही दुर्घटनाओं का मुद्दा उठाया है। आंकड़ों के मुताबिक गत पांच सालों में 308 सड़क हादसों में 246 लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा हैं। मेगा हाइवे पर लगातार बढ़ते हादसे रोकने के लिए सरकार व प्रशासन की ओर से जरूरी इंतजाम नहीं करने पर जोधपुर की विधि छात्रा अदिति वैष्णव ने राजस्थान हाईकोर्ट में जनहित याचिका लगाई है। 

याचिका पर न्यायालय ने नोटिस जारी कर राज्य सरकार व राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। एलएलबी अंतिम वर्ष की छात्रा अदिति वैष्णव स्वयं इस मामले में अपनी पैरवी कर रही हैं।

खासी नाराजगी जताई

 मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नन्द्राजोग व न्यायाधीश डॉ. पुष्पेन्द्रसिंह भाटी की खण्डपीठ ने सोमवार को इस मुद्दे पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार की ढिलाई पर खासी नाराजगी जताई। राज्य सरकार ने कई महीनों बाद भी याचिका पर जवाब तक पेश नहीं किया। खण्डपीठ ने 8 अगस्त तक जवाब पेश करने की मोहलत देते हुए सुनवाई मुल्तवी करने के निर्देश दिए।

पांच साल में 246 मौतें

विधि छात्रा अदिति ने याचिका में जोधपुर से बाड़मेर तक 199 किलोमीटर तक राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-25 में लगातार हो रही दुर्घटनाओं का मुद्दा उठाया है। आंकड़ों के मुताबिक गत पांच सालों में 308 सड़क हादसों में 246 लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा हैं। मेगा हाइवे पर हर छठे दिन दुर्घटना और सातवें दिन मौत हो रही है। हाइवे पर दुर्घटनाएं रोकने के लिए प्रशासन व पुलिस ने कोई प्रयास नहीं किए हैं। फोर लेने मेगा हाइवे के बीच डिवाइडर नहीं हैं। इससे 95 फीसदी हादसे वाहनों में आमने-सामने भिड़ंत हुई हैं। वाहन आमने-सामने टकराने से उसमें सवार लोगों के बचने के अवसर कम ही रहते हैं।

हाइवे पर हर छठे दिन दुर्घटना और सातवें दिन मौत हो रही है। हाइवे पर दुर्घटनाएं रोकने के लिए प्रशासन व पुलिस ने कोई प्रयास नहीं किए हैं। फोर लेने मेगा हाइवे के बीच डिवाइडर नहीं हैं। इससे 95 फीसदी हादसे वाहनों में आमने-सामने भिड़ंत हुई हैं। वाहन आमने-सामने टकराने से उसमें सवार लोगों के बचने के अवसर कम ही रहते हैं।


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