Monday, May 22, 2017

सैकंड ग्रेड टीचर्स पदों पर पदोन्नति की तैयारी
बीकानेर माध्यमिकशिक्षा में मंडल स्तर पर वर्ष 2017-18 के तहत तृतीय श्रेणी से सैकंड ग्रेड शिक्षक पदों पर पदोन्नति की तैयारी शुरू हो गई है।संयुक्त निदेशक प्रशिक्षण विजय शंकर आचार्य ने बताया कि सभी उपनिदेशकों को वरिष्ठता और पात्रता जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं बीकानेर मंडल माध्यमिक के उपनिदेशक महावीर सिंह पूनिया ने बताया कि हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिले से शिक्षकों की सूचना प्राप्त हो गई है। बीकानेर जिले की सूचना आते ही अस्थाई पात्रता सूची जारी कर दी जाएगी। इसके बाद शिक्षकों से आपत्तियां मांगी जाएगी। स्थाई पात्रता जारी कर अगले माह में सैकंड ग्रेड शिक्षकों के पदों पर डीपीसी की जाएगी। वहीं बीकानेर मंडल में यूडीसी से ओए के पदों पर रिव्यू डीपीसी की भी लगभग तैयारी पूरी हो गई है। उपनिदेशक ने बताया कि यह रिव्यू डीपीसी अगले सप्ताह कर कर दी जाएगी।
Friday, April 28, 2017
थर्ड ग्रेड टीचर्स की भर्ती का रास्ता साफ, 3 साल बाद जा सकेंगे शिक्षा विभाग में
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जयपुर। राज्य की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कई बड़े फैसले किए गए हैं। पंचायत राज विभाग के अधीन आने वाले तृतीय श्रेणी शिक्षकों को अब केवल तीन साल में ही शिक्षा विभाग में भेजा जा सकता है। ऐसे में पंचायत राज में तृतीय श्रेणी के शिक्षकों की ज्यादा भर्ती हो सकेगी। यह हुए फैसले...
- कैबिनेट की बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री की ओर से मीडिया की ब्रीफिंग देते हुए मंत्री यूनुस खान ने यह जानकारी दी।
- उन्होंने बताया कि पंचायत राज विभाग के अधीन काम करने वाले तृतीय श्रेणी शिक्षकों को शिक्षा विभाग के अधीन आने के संबंध में अब तक 5 साल का क्लॉज था। यानी वे पांच साल पंचायत राज के अधीन काम करने के बाद ही शिक्षा विभाग में पदोन्नत हो सकते थे, लेकिन अब इस क्लाॅज को 5 साल से कम कर 3 साल करने का फैसला किया गया है।
- इसका फायदा ये होगा कि शिक्षा विभाग के उच्च पदों पर खाली पड़े पदों को भरने के लिए पंचायत राज के शिक्षक जल्दी-जल्दी शिफ्ट होंगे।
- ऐसे में शिक्षा विभाग के खाली पड़े शिक्षकों के पदों को भरा जा सकेगा, शिक्षकों की कमी को पूरा किया जा सकेगा।
- इसके बाद पंचायत राज में खाली होने वाले पदों के लिए सरकार आमतौर पर हर साल रिक्तियां निकालकर भर्ती कर सकेगी।
- इसके अलावा कैबिनेट में कई अन्य फैसले भी किए गए।
Sunday, April 23, 2017

संस्कृत शिक्षा में पदोन्नति से 119 स्कूल प्रधानाचार्य बने
अजमेर| संस्कृतशिक्षा विभाग में 119 स्कूल प्रधानाचार्यों के पदस्थापन के आदेश जारी हुए हैं। स्कूल प्राध्यापकों एवं प्रधानाध्यापकों के साथ-साथ पातेय वेतन पर कार्यरत स्कूल प्राचार्य एवं कॉलेज व्याख्याता भी इसमें शामिल हैं। अब तक स्कूलों में पातेय वेतन पर ही कुछ प्रधानाचार्य कार्यरत थे। राजस्थान संस्कृत शिक्षा सामान्य विषय संघ के प्रदेश प्रवक्ता सूरज करण बोहरा के अनुसार निदेशालय संस्कृत शिक्षा ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि इस पदोन्नति में सामान्य विषय प्राध्यापकों प्रधानाध्यापकों को शामिल नहीं करने, 20 से भी अधिक रिट पिटीशन एवं माननीय न्यायालय के अंतिम निर्णय के अधीन रहने जैसे मुद्दों पर सरकार को विचार करना चाहिए।
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Friday, April 21, 2017

वरिष्ठ अध्यापकों की अस्थाई वरिष्ठता सूची जारी
बीकानेर ।
तृतीय श्रेणी अध्यापकों से वरिष्ठ अध्यापकों के पदों पर पदोन्नति के पात्र शिक्षकों की अस्थाई वरिष्ठता सूचियां जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक के कार्यालय में चस्पा कर दी गई हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार उप निदेशक चूरू मण्डल से वरिष्ठ अध्यापक पदों पर 1 अप्रेल 2012 से 31 मार्च 2013 तक नियुक्त, पदोन्नत तथा
अन्तरमण्डल स्थानान्तरण से कार्यग्रहण करने वाले शिक्षकों की अस्थाई वरिष्ठता सूची का प्रकाशन कर दिया गया है । इन अस्थाई वरिष्ठता सूचियों पर एक सप्ताह में आपत्तियां मांगी गई हैं।
उसके बाद आपत्तियों का निस्तारण कर स्थाई वरिष्ठता सूचियां जारी की जाएंगी जिसके आधार पर डीपीसी में विभिन्न विषयों के वरिष्ठ अध्यापकों का चयन किया जाएगा।

2800 प्रिंसिपल नए शिक्षा सत्र में मिलेंगें
माध्यमिकशिक्षा विभाग को नए शिक्षा सत्र में करीब 2800 प्रिंसिपल मिलेंगे। चयन वर्ष 2017-18 की डीपीसी में पात्र व्याख्याता और एचएम का चयन इन पदों के लिए किया गया है।
गुरुवार को अजमेर में आरपीएससी सदस्य के.आर.बगड़िया की अध्यक्षता में विभागीय पदोन्नत समिति की बैठक हुई। प्रिंसिपल के 2800 पदों पर 1700 तीन वर्ष अनुभव वाले पोस्ट ग्रेजुएट एचएम और 1100 पांच साल अनुभव वाले व्याख्याताओं को पदोन्नत किया गया है।
शिक्षा विभाग में वर्तमान में प्रिंसिपल के करीब 1400 पद रिक्त है। जबकि शेष पद 31 मार्च, 2018 तक रिक्त होंगे। अभी रिक्त पदों की संख्या के बराबर इन चयनित प्रिंसिपल को अनुमोदन होने के बाद वरिष्ठता से काउंसलिंग कर पोस्टिंग दी जाएगी। जबकि अन्य को शेष पद उपलब्ध होने पर पोस्टिंग मिलेगी। राजस्थान शिक्षा सेवा नियम 1970 के तहत प्रिंसिपल पदों पर 67 फीसदी व्याख्याता और 33 फीसदी पोस्ट ग्रेजुएट एचएम को पदोन्नत करने का प्रावधान है। इस डीपीसी में व्याख्याता कम पदोन्नत होने का कारण वर्तमान में प्रिंसिपल पदों पर कार्यरत एचएम कोटे के अभ्यर्थी कम होना बताया जा रहा है।
तीन डीडी और 30 डीईओ प्रमोट
शिक्षाविभाग में संयुक्त निदेशक और उपनिदेशक पदों पर भी वर्ष 2017-18 की डीपीसी हो गई है। जिसमें दो वर्ष अनुभव वाले जोधपुर, चूरू और बीकानेर के उपनिदेशकों को संयुक्त निदेशक के पद पर पदोन्नत किया गया है। वहीं एक अप्रैल, 2017 को दो साल अनुभव वाले 67 डीईओ में से 30 का चयन उपनिदेशक पदों के लिए हुआ है। शेष दो वर्ष अनुभव वाले डीईओ रिव्यू एंड रिविजन सूची में रहेंगे। वर्ष 2017-18 के लिए चयनित उपनिदेशकों के सेवानिवृत्त होने एवं अन्य किसी तरह से पद रिक्त होने पर आरआर सूची में चयनित डीईओ को डीडी पदों पर पोस्टिंग मिलेगी।
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