Showing posts with label Ajmer News. Show all posts
Showing posts with label Ajmer News. Show all posts

Thursday, July 27, 2017

Praveen Singh

यह है स्मार्ट गवर्नमेंट स्कूल, यहां स्टूडेंट्स टैबलेड से पढेंगे गणित




अजमेर। ।

राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बूबानी के कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों को टैबलेड के माध्यम से गणित की पढ़ाई करवाई जाएगी। बुधवार को इसका उद्घाटन किया गया।

प्रधानाचार्य मल्का बक्ष ने बताया कि खान एकेडमी व नालन्दा प्रोजेक्ट के तहत कक्षा छठीं से आठवीं तक के बच्चों को गणित विषय का शिक्षण कार्य टैबलेट से कराने के लिए राजस्थान के 12 विद्यालयों में से राजकीय विद्यालय बूबानी का चयन किया गया है।


इसके लिए विद्यालय को 53 टैबलेट, एक लैपटॉप व इअर फोन प्रदान किए गए। इस अवसर पर कार्यक्रम कॉर्डिनेटर भरत, सान्या व ऋचा तथा गणित शिक्षक मुकेश सेन उपस्थित रहे।


Read More

Monday, July 3, 2017

Praveen Singh

RBSE बोर्ड स्टूडेंट्स के लिए बड़ी खबर,आप भी जाने आखिर बिना रोल नम्बर कैसे मिलेगी marksheet व certtificate



अजमेर.

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान से अंकतालिका अथवा प्रमाण-पत्रों की प्रतिलिपि लेने के लिए अब विद्यार्थियों को भूल चुके अपने रोल नंबर के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। बरसों से चली आ रही इस समस्या से निबटने के लिए बोर्ड प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है। जल्द ही विद्यार्थियों को आवेदन में अपना नाम, पिता का नाम और विद्यालय का नाम लिखने भर से ही कुछ ही देर में दस्तावेज की प्रतिलिपि उपलब्ध हो जाएगी।

शिक्षा बोर्ड में प्रदेश के कई जिलों से रोजाना हजारों विद्यार्थी अथवा अभिभावक पुरानी परीक्षाओं की अंकतालिका अथवा प्रमाण-पत्र की प्रतिलिपि के लिए आवेदन करते हैं। इसके लिए दी गई परीक्षा का रोल नंबर लिखना अनिवार्य है। समस्या तब सामने आती है जब बरसों पूर्व परीक्षा दे चुके विद्यार्थियों को अपना रोल नंबर याद नहीं रहता। एेसे में बोर्ड कर्मचारी उनके दस्तावेज की प्रतिलिपि उपलब्ध कराने से हाथ खड़े कर देते हैं।

मुश्किल आती है रोल नंबर ढूंढने में

रोल नंबर नहीं होने की वजह से बोर्ड कार्मिक संबंधित विद्यार्थी को जिस विद्यालय से दसवीं अथवा बारहवीं की पढ़ाई की थी वहां जाकर रिकॉर्ड से अपना रोल नंबर लेकर आने की सलाह देते हैं। नौकरी अथवा व्यवसाय के लिए अपना मूल स्थान छोड़कर कहीं और बस चुके एेसे विद्यार्थी पहले तो अजमेर बोर्ड कार्यालय आते हैं। उसके बाद अपने गांव अथवा शहर के स्कूल जाना पड़ता है। लेकिन यहां भी कई बार समस्या का समाधान नहीं हो पाता। स्कूल में कर्मचारी छुट्टी पर होने अथवा रिकॉर्ड नष्ट होने की वजह से यहां भी रोल नंबर मिलना मुश्किल हो जाता है।

करना पड़ता है इंतजार

अमूमन एेसी स्थिति में संबंधित विद्यार्थी किसी तरह जान-पहचान निकालकर दस्तावेज की प्रतिलिपि के लिए जुगाड़ बिठाते है। जिनकी जान पहचान नहीं होती वे बोर्ड कार्मिकों अथवा अधिकारियों से मिन्नत करते हैं। दोनों ही स्थितियों में बोर्ड कार्मिक एहसान करने वाले अंदाज में अतिरिक्त कर्मचारी लगाकर रिकॉर्ड ढंूढने और दो-चार दिन बाद आने की कहते हैं। इन हालातों में एक दिन में मिलने वाले दस्तावेज के लिए एेसे विद्यार्थियों को 15-20 दिन इंतजार करना पड़ता है।

नाम के आधार पर रिकॉर्ड ढूंढना आसान नहींदरअसल पिछले कई वर्षों से बोर्ड प्रशासन का तर्क था कि अब तक करोड़ों विद्यार्थी परीक्षाएं दे चुके है लिहाजा सिर्फ नाम के आधार पर रिकॉर्ड ढूंढना आसान नहीं है। एक ही नाम के हजारों विद्यार्थी होने की वजह से भी बोर्ड अधिकारी इस समस्या को लगातार अनदेखा करते रहे हैं। मौजूदा बोर्ड अध्यक्ष प्रो. बी. एल. चौधरी ने इस समस्या को गंभीर मानते हुए इसका हल निकालने की कवायद शुरू करा दी है।

बरसों से चली आ रही इस समस्या का हल तो निकालना ही होगा। जल्द ही एेसी व्यवस्था शुरू हो जाएगी जिसमें विद्यार्थी के नाम, पिता व विद्यालय के नाम और परीक्षा उत्तीर्ण करने के वर्ष के आधार पर ही शीघ्र दस्तावेज उपलब्ध हो जाएंगे।-प्रो. बी. एल. चौधरी, अध्यक्ष माशिबो


Read More

Monday, May 29, 2017

Praveen Singh

सीबीएसई-दसवीं का रिजल्ट तैयार, कभी भी हो सकता है जारी



अजमेर। ।
सीबीएसई का दसवीं का परिणाम भी तैयार हो गया है। बोर्ड अजमेर सहित सभी रीजन का परिणाम कभी जारी कर सकता है। संभवत: मई अंत या जून के शुरुआत में परिणाम जारी होगा। इस बार सतत एवं समग्र मूल्यांकन (सीसीई) के तहत यह अंतिम परिणाम होगा। 

इसके बाद अगले साल से दसवीं की परीक्षाएं बोर्ड ही कराएगा। मालूम हो कि वर्ष 2009-10 से 2016-17 तक सतत एवं समग्र मूल्यांकन के तहत स्कूल और बोर्ड आधारित परीक्षाएं कराई गई। इसके तहत विद्यार्थियों को अंकों के बजाय ग्रेडिंग दी जा रही हैं।

दसवीं में फिर बोर्ड

वर्ष 2018 में दसवीं की परीक्षा फिर बोर्ड ही कराएगा। यह पैटर्न 2008-09 तक लागू था। इसके बाद तत्कालीन यूपीए सरकार ने विद्यार्थियों की सुविधार्थ दसवीं की परीक्षा में दो विकल्प बनाए। इसके तहत विद्यार्थियों को बोर्ड या स्कूल पद्धति से परीक्षा देने की सुविधा दी गई। 

केंद्र की मौजूदा एनडीए सरकार ने कई स्कूलों के विरोध को आधार मानकर दसवीं में वापस बोर्ड पैटर्न लागू करने का फैसला किया है


Read More

Monday, May 22, 2017

Praveen Singh

आधार कार्ड से विद्यार्थियों की पहचान, नीट जैसी सख्ती नहीं

अजमेर| मद्रासआईआईटी द्वारा देश के विभिन्न आईआईटीज में प्रवेश के लिए रविवार को संयुक्त प्रवेश परीक्षा जेईई एडवांस्ड 2017 का आयोजन शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जेईई एडवांस्ड में नीट 2017 जैसी सख्ती नहीं दिखी, हां आधार कार्ड से ही पहचान की गई। इससे विद्यार्थियों को राहत मिली।

जेईई एडवांस्ड परीक्षा देने के लिए अजमेर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर शहर के विभिन्न क्षेत्रों के साथ ही कोटा, जोधपुर, नागौर, पाली, टोंक समेत विभिन्न जिलों के विद्यार्थी पहुंचे। सुबह 7 बजे से ही परीक्षा केंद्रों पर विद्यार्थियों उनके अभिभावकों की भीड़ जमा थी। करीब 7.45 बजे से विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्रों में अंदर लेना शुरू कर दिया गया। प्रारंभ में लंबी कतारें केंद्रों के बाहर लगी नजर आई। विद्यार्थियों को मोबाइल फोन और बैग आदि बाहर रखने के लिए पहले ही निर्देशित कर दिया गया।

इसलिए नहीं हुई परेशानी

परीक्षादेने पहुंचे छात्र पहले से ही सैंडल चप्पल पहने पहुंचे। हाफ आस्तीन के शर्ट टी शर्ट पहने थे। लड़कियों ने भी गाइड लाइन का पूरा पालन किया। ऐसे में परीक्षा केंद्रों पर नीट जैसी सख्ती नजर नहीं आई। हैंड मेटल डिटेक्टर से भी जांच नहीं की गई।

आधारवेरिफाइड की सील के बाद ही प्रवेश

सभीविद्यार्थियों से परीक्षा केंद्रों पर आधार कार्ड मांगा गया। आधार कार्ड के माध्यम से ही संबंधित परीक्षार्थी की पहचान की गई। आधार कार्ड का डाटा ऑनलाइन मिलाया गया और छात्र-छात्रा के एडमिट कार्ड पर आधार वेरिफाइड की सील लगाई गई। इस सील के बाद ही परीक्षार्थी को परीक्षा हॉल में प्रवेश दिया गया। इस प्रक्रिया को देखते हुए ही विद्यार्थियों काे समय से काफी पूर्व परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने के निर्देश दिए गए थे। 

Read More
Praveen Singh

रेलवे में भरे जाएंगे 18 हजार पद, लिखित परीक्षा परिणाम 26 मई को


अजमेर।

 रेलवे में 18 हजार 252 पद के लिए दूसरे स्तर की लिखित परीक्षा का परिणाम 26 मई को जारी किया जाएगा। रेलवे भर्ती बोर्ड ने 8 से 14 मई तक अभ्यर्थियों से नियुक्ति के लिए पदों का नया विकल्प मांगा था। रेलवे की ओर से अब एक पद के लिए आठ अभ्यर्थियों को दक्षता परीक्षा अथवा टाइपिंग टेस्ट के लिए बुलाया जाएगा। रेलवे भर्ती बोर्ड की ओर से दक्षता परीक्षा और टंकण परीक्षा जून में आयोजित करने की संभावना है। जुलाई-अगस्त में नियुक्ति के लिए अंतिम चयन सूची जारी की जा सकती है।

रेलवे में गुड्स गार्ड, सहायक स्टेशन मास्टर, ट्रेफिक असिस्टेंट, जूनियर अकाउंट सहायक कम टाइपिस्ट, सीनियर क्लर्क, कामर्शियल अप्रेंटिस, ट्रेफिक अप्रेंटिस सहित अन्य पद के लिए द्वितीय स्तर और मुख्य लिखित परीक्षा पूरे देश में 17 जनवरी से 19 जनवरी तक आयोजित हुई थी। इस परीक्षा में लगभग पौने तीन लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे।

92 लाख अभ्यर्थियों ने किया था आवेदन

रेलवे में नौकरी के लिए अभ्यर्थियों को दो साल तक इंतजार करना पड़ा है। मार्च 2015 में 18 हजार 252 पद के लिए अधिसूचना जारी हुई थी। पूरे देश में लगभग 92 लाख अभ्यर्थियों ने नौकरी के लिए आवेदन किया था। मई-जून 15 में प्रथम स्तर की लिखित परीक्षा आयोजित हुई जिसमें लगभग 60 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। द्वितीय स्तर की परीक्षा के लिए रेलवे ने एक पद के लिए 15 अभ्यर्थियों के अनुपात से परिणाम जारी किया और दूसरे व मुख्य स्तर की लिखित परीक्षा के लिए लगभग पौने तीन लाख अभ्यर्थियों को प्रवेश-पत्र भेजे।

टाइप के अंक नहीं जुड़ेंगे लेकिन पास होना जरूरी

जूनियर लेखा सहायक सह टाइपिस्ट एवं वरिष्ठ लिपिक सह टाइपिस्ट के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को टंकण परीक्षा देनी होगी। हालांकि टंकण परीक्षा के अंक अंतिम चयन सूची में नहीं जुड़ेंगे लेकिन अभ्यर्थियों को यह परीक्षा पास करना जरूरी होगी। अभ्यर्थियों को अंग्रेजी में न्यूनतम 30 शब्द प्रति मिनट और हिंदी में 25 शब्द प्रति मिनट की रफ्तार से टंकण परीक्षा उत्तीर्ण करना आवश्यक होगा। हालांकि अभ्यर्थियों चयन के लिए द्वितीय स्तर की लिखित परीक्षा के अंक से ही मेरिट बनेगी।

एएसएम सहित अन्य की दक्षता परीक्षा

सहायक स्टेशन मास्टर और ट्रेफिक सहायक पद के लिए अभ्यर्थियों की अंतिम सूची दक्षता परीक्षा के आधार पर बनेगी। इन पद के लिए लिखित परीक्षा और दक्षता परीक्षा के अंकों को 70 अनुपात 30 के तहत आंका जाएगा और उसी के अनुसार नियुक्ति के लिए चयन सूची जारी होगी। इसके अलावा कमर्शियल अप्रेंटिस, टे्रफिक अप्रेंटिस, ईसीआरसी और गुड्स गार्ड पद के लिए एक पद पर आठ अभ्यर्थियों को दक्षता परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा। हालांकि इन पद के लिए भी दक्षता परीक्षा के अंक नहीं जुड़ेंगे। अलबत्ता द्वितीय चरण की परीक्षा के अंकों के आधार पर ही अंतिम चयन सूची जारी होगी।


Read More

Sunday, May 14, 2017

Praveen Singh

लक्ष्य आधारित होगी विद्यालयों की निरीक्षण व्यवस्था : देवनानी



अजमेर। शिक्षाअधिकारियों द्वारा राज्य के विद्यालयों की निरीक्षण व्यवस्था को प्रभावी बनाने के अंतर्गत पंचायत शिक्षा अधिकारी, बीईओ और जिला शिक्षा अधिकारियों को लक्ष्य आधारित व्यवस्था के अंतर्गत कार्य करना होगा। जुलाई-अगस्त में इस संबंध में अभियान के रूप में निरीक्षण नीति के तहत शिक्षा अधिकारियों को प्रतिदिन, साप्ताहिक और मासिक रूप में विद्यालयों का निरीक्षण करने के साथ ही विद्यालयी व्यवस्था के संबंध में राज्य सरकार को रिपोर्ट देनी होगी। 

शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने शिक्षा विभाग के कार्मिकों का सेवा रिकार्ड आॅनलाइन संधारित किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शाला दर्पण और शाला दर्शन पोर्टल के अंतर्गत शिक्षा विभाग के समस्त कार्मिकों का सेवा रिकाॅर्ड भी अलग से संधारित किया जाए। देवनानी मुख्यमंत्री सलाहकार समूह के उप समूह शिक्षा की बैठक में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने राज्य के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों का कैडर निर्धारित करने, आंगनबाड़ी में पाठ्यक्रम के अंतर्गत बच्चों को संस्कारित करने वाली पाठ्यसामग्री विकसित करने तथा वहां पर दानदाताओं के सहयोग से टॉयज बैंक की स्थापना किए जाने पर भी शिक्षा अधिकारियों को अपने स्तर पर कार्यवाही करने पर जोर दिया है। शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि विद्यालयों में अभिभावक-शिक्षक बैठकों के आयोजन के अच्छे परिणाम सामने आए हैं। इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि वर्ष में चार बार पीटीएम का आयोजन विद्यालयों में हो। इसके अंतर्गत अभिभावक रूप में विद्यालय में कम से कम एक बार बच्चे की मां आए यह भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने मिड डे मील का पोस मशीन की तर्ज पर बायोमैट्रिक आधार पर वितरण किए जाने के संबंध में भी विचार करने पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा अधिकारी निरीक्षण के दौरान मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता स्वयं अपने स्तर पर परखें। बैठक में राजकीय विद्यालय में अध्ययन करने वाले कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों को नेशनल स्किल डवलपमेंट योजना के तहत जोड़ने, आदर्श और उत्कृष्ट विद्यालयों में संसाधनों का समुचित विकास करने, अच्छा परिणाम देने वाले शिक्षकों को पुरस्कृत किए जाने पर भी सहमति जताई गई। 

स्वामीविवेकानंद माॅडल स्कूल वेबसाइट का लोकार्पण 

शिक्षाराज्य मंत्री वासुदेव देवनानी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री सलाहकार समूह के उप समूह शिक्षा की बैठक के दौरान ही राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा निर्मित स्वामी विवेकानंद माॅडल स्कूल की वेबसाइट का लोकार्पण किया। शिक्षा विभाग के शासन सचिव नरेशपाल गंगवार ने बताया कि इस वेबसाइट के निर्मित होने के बाद अब प्रदेश के सभी स्वामी विवेकानंद माडल स्कूलों से संबंधित रिकार्ड का आॅनलाइन संधारण सुनिश्चित हो सकेगा। 


Read More