Showing posts with label Ajmer News. Show all posts
Showing posts with label Ajmer News. Show all posts

Thursday, July 27, 2017

Praveen Singh

यह है स्मार्ट गवर्नमेंट स्कूल, यहां स्टूडेंट्स टैबलेड से पढेंगे गणित




अजमेर। ।

राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बूबानी के कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों को टैबलेड के माध्यम से गणित की पढ़ाई करवाई जाएगी। बुधवार को इसका उद्घाटन किया गया।

प्रधानाचार्य मल्का बक्ष ने बताया कि खान एकेडमी व नालन्दा प्रोजेक्ट के तहत कक्षा छठीं से आठवीं तक के बच्चों को गणित विषय का शिक्षण कार्य टैबलेट से कराने के लिए राजस्थान के 12 विद्यालयों में से राजकीय विद्यालय बूबानी का चयन किया गया है।


इसके लिए विद्यालय को 53 टैबलेट, एक लैपटॉप व इअर फोन प्रदान किए गए। इस अवसर पर कार्यक्रम कॉर्डिनेटर भरत, सान्या व ऋचा तथा गणित शिक्षक मुकेश सेन उपस्थित रहे।


Read More

Monday, July 3, 2017

Praveen Singh

RBSE बोर्ड स्टूडेंट्स के लिए बड़ी खबर,आप भी जाने आखिर बिना रोल नम्बर कैसे मिलेगी marksheet व certtificate



अजमेर.

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान से अंकतालिका अथवा प्रमाण-पत्रों की प्रतिलिपि लेने के लिए अब विद्यार्थियों को भूल चुके अपने रोल नंबर के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। बरसों से चली आ रही इस समस्या से निबटने के लिए बोर्ड प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है। जल्द ही विद्यार्थियों को आवेदन में अपना नाम, पिता का नाम और विद्यालय का नाम लिखने भर से ही कुछ ही देर में दस्तावेज की प्रतिलिपि उपलब्ध हो जाएगी।

शिक्षा बोर्ड में प्रदेश के कई जिलों से रोजाना हजारों विद्यार्थी अथवा अभिभावक पुरानी परीक्षाओं की अंकतालिका अथवा प्रमाण-पत्र की प्रतिलिपि के लिए आवेदन करते हैं। इसके लिए दी गई परीक्षा का रोल नंबर लिखना अनिवार्य है। समस्या तब सामने आती है जब बरसों पूर्व परीक्षा दे चुके विद्यार्थियों को अपना रोल नंबर याद नहीं रहता। एेसे में बोर्ड कर्मचारी उनके दस्तावेज की प्रतिलिपि उपलब्ध कराने से हाथ खड़े कर देते हैं।

मुश्किल आती है रोल नंबर ढूंढने में

रोल नंबर नहीं होने की वजह से बोर्ड कार्मिक संबंधित विद्यार्थी को जिस विद्यालय से दसवीं अथवा बारहवीं की पढ़ाई की थी वहां जाकर रिकॉर्ड से अपना रोल नंबर लेकर आने की सलाह देते हैं। नौकरी अथवा व्यवसाय के लिए अपना मूल स्थान छोड़कर कहीं और बस चुके एेसे विद्यार्थी पहले तो अजमेर बोर्ड कार्यालय आते हैं। उसके बाद अपने गांव अथवा शहर के स्कूल जाना पड़ता है। लेकिन यहां भी कई बार समस्या का समाधान नहीं हो पाता। स्कूल में कर्मचारी छुट्टी पर होने अथवा रिकॉर्ड नष्ट होने की वजह से यहां भी रोल नंबर मिलना मुश्किल हो जाता है।

करना पड़ता है इंतजार

अमूमन एेसी स्थिति में संबंधित विद्यार्थी किसी तरह जान-पहचान निकालकर दस्तावेज की प्रतिलिपि के लिए जुगाड़ बिठाते है। जिनकी जान पहचान नहीं होती वे बोर्ड कार्मिकों अथवा अधिकारियों से मिन्नत करते हैं। दोनों ही स्थितियों में बोर्ड कार्मिक एहसान करने वाले अंदाज में अतिरिक्त कर्मचारी लगाकर रिकॉर्ड ढंूढने और दो-चार दिन बाद आने की कहते हैं। इन हालातों में एक दिन में मिलने वाले दस्तावेज के लिए एेसे विद्यार्थियों को 15-20 दिन इंतजार करना पड़ता है।

नाम के आधार पर रिकॉर्ड ढूंढना आसान नहींदरअसल पिछले कई वर्षों से बोर्ड प्रशासन का तर्क था कि अब तक करोड़ों विद्यार्थी परीक्षाएं दे चुके है लिहाजा सिर्फ नाम के आधार पर रिकॉर्ड ढूंढना आसान नहीं है। एक ही नाम के हजारों विद्यार्थी होने की वजह से भी बोर्ड अधिकारी इस समस्या को लगातार अनदेखा करते रहे हैं। मौजूदा बोर्ड अध्यक्ष प्रो. बी. एल. चौधरी ने इस समस्या को गंभीर मानते हुए इसका हल निकालने की कवायद शुरू करा दी है।

बरसों से चली आ रही इस समस्या का हल तो निकालना ही होगा। जल्द ही एेसी व्यवस्था शुरू हो जाएगी जिसमें विद्यार्थी के नाम, पिता व विद्यालय के नाम और परीक्षा उत्तीर्ण करने के वर्ष के आधार पर ही शीघ्र दस्तावेज उपलब्ध हो जाएंगे।-प्रो. बी. एल. चौधरी, अध्यक्ष माशिबो


Read More

Monday, May 29, 2017

Praveen Singh

सीबीएसई-दसवीं का रिजल्ट तैयार, कभी भी हो सकता है जारी



अजमेर। ।
सीबीएसई का दसवीं का परिणाम भी तैयार हो गया है। बोर्ड अजमेर सहित सभी रीजन का परिणाम कभी जारी कर सकता है। संभवत: मई अंत या जून के शुरुआत में परिणाम जारी होगा। इस बार सतत एवं समग्र मूल्यांकन (सीसीई) के तहत यह अंतिम परिणाम होगा। 

इसके बाद अगले साल से दसवीं की परीक्षाएं बोर्ड ही कराएगा। मालूम हो कि वर्ष 2009-10 से 2016-17 तक सतत एवं समग्र मूल्यांकन के तहत स्कूल और बोर्ड आधारित परीक्षाएं कराई गई। इसके तहत विद्यार्थियों को अंकों के बजाय ग्रेडिंग दी जा रही हैं।

दसवीं में फिर बोर्ड

वर्ष 2018 में दसवीं की परीक्षा फिर बोर्ड ही कराएगा। यह पैटर्न 2008-09 तक लागू था। इसके बाद तत्कालीन यूपीए सरकार ने विद्यार्थियों की सुविधार्थ दसवीं की परीक्षा में दो विकल्प बनाए। इसके तहत विद्यार्थियों को बोर्ड या स्कूल पद्धति से परीक्षा देने की सुविधा दी गई। 

केंद्र की मौजूदा एनडीए सरकार ने कई स्कूलों के विरोध को आधार मानकर दसवीं में वापस बोर्ड पैटर्न लागू करने का फैसला किया है


Read More

Monday, May 22, 2017

Praveen Singh

आधार कार्ड से विद्यार्थियों की पहचान, नीट जैसी सख्ती नहीं

अजमेर| मद्रासआईआईटी द्वारा देश के विभिन्न आईआईटीज में प्रवेश के लिए रविवार को संयुक्त प्रवेश परीक्षा जेईई एडवांस्ड 2017 का आयोजन शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जेईई एडवांस्ड में नीट 2017 जैसी सख्ती नहीं दिखी, हां आधार कार्ड से ही पहचान की गई। इससे विद्यार्थियों को राहत मिली।

जेईई एडवांस्ड परीक्षा देने के लिए अजमेर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर शहर के विभिन्न क्षेत्रों के साथ ही कोटा, जोधपुर, नागौर, पाली, टोंक समेत विभिन्न जिलों के विद्यार्थी पहुंचे। सुबह 7 बजे से ही परीक्षा केंद्रों पर विद्यार्थियों उनके अभिभावकों की भीड़ जमा थी। करीब 7.45 बजे से विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्रों में अंदर लेना शुरू कर दिया गया। प्रारंभ में लंबी कतारें केंद्रों के बाहर लगी नजर आई। विद्यार्थियों को मोबाइल फोन और बैग आदि बाहर रखने के लिए पहले ही निर्देशित कर दिया गया।

इसलिए नहीं हुई परेशानी

परीक्षादेने पहुंचे छात्र पहले से ही सैंडल चप्पल पहने पहुंचे। हाफ आस्तीन के शर्ट टी शर्ट पहने थे। लड़कियों ने भी गाइड लाइन का पूरा पालन किया। ऐसे में परीक्षा केंद्रों पर नीट जैसी सख्ती नजर नहीं आई। हैंड मेटल डिटेक्टर से भी जांच नहीं की गई।

आधारवेरिफाइड की सील के बाद ही प्रवेश

सभीविद्यार्थियों से परीक्षा केंद्रों पर आधार कार्ड मांगा गया। आधार कार्ड के माध्यम से ही संबंधित परीक्षार्थी की पहचान की गई। आधार कार्ड का डाटा ऑनलाइन मिलाया गया और छात्र-छात्रा के एडमिट कार्ड पर आधार वेरिफाइड की सील लगाई गई। इस सील के बाद ही परीक्षार्थी को परीक्षा हॉल में प्रवेश दिया गया। इस प्रक्रिया को देखते हुए ही विद्यार्थियों काे समय से काफी पूर्व परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने के निर्देश दिए गए थे। 

Read More
Praveen Singh

रेलवे में भरे जाएंगे 18 हजार पद, लिखित परीक्षा परिणाम 26 मई को


अजमेर।

 रेलवे में 18 हजार 252 पद के लिए दूसरे स्तर की लिखित परीक्षा का परिणाम 26 मई को जारी किया जाएगा। रेलवे भर्ती बोर्ड ने 8 से 14 मई तक अभ्यर्थियों से नियुक्ति के लिए पदों का नया विकल्प मांगा था। रेलवे की ओर से अब एक पद के लिए आठ अभ्यर्थियों को दक्षता परीक्षा अथवा टाइपिंग टेस्ट के लिए बुलाया जाएगा। रेलवे भर्ती बोर्ड की ओर से दक्षता परीक्षा और टंकण परीक्षा जून में आयोजित करने की संभावना है। जुलाई-अगस्त में नियुक्ति के लिए अंतिम चयन सूची जारी की जा सकती है।

रेलवे में गुड्स गार्ड, सहायक स्टेशन मास्टर, ट्रेफिक असिस्टेंट, जूनियर अकाउंट सहायक कम टाइपिस्ट, सीनियर क्लर्क, कामर्शियल अप्रेंटिस, ट्रेफिक अप्रेंटिस सहित अन्य पद के लिए द्वितीय स्तर और मुख्य लिखित परीक्षा पूरे देश में 17 जनवरी से 19 जनवरी तक आयोजित हुई थी। इस परीक्षा में लगभग पौने तीन लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे।

92 लाख अभ्यर्थियों ने किया था आवेदन

रेलवे में नौकरी के लिए अभ्यर्थियों को दो साल तक इंतजार करना पड़ा है। मार्च 2015 में 18 हजार 252 पद के लिए अधिसूचना जारी हुई थी। पूरे देश में लगभग 92 लाख अभ्यर्थियों ने नौकरी के लिए आवेदन किया था। मई-जून 15 में प्रथम स्तर की लिखित परीक्षा आयोजित हुई जिसमें लगभग 60 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। द्वितीय स्तर की परीक्षा के लिए रेलवे ने एक पद के लिए 15 अभ्यर्थियों के अनुपात से परिणाम जारी किया और दूसरे व मुख्य स्तर की लिखित परीक्षा के लिए लगभग पौने तीन लाख अभ्यर्थियों को प्रवेश-पत्र भेजे।

टाइप के अंक नहीं जुड़ेंगे लेकिन पास होना जरूरी

जूनियर लेखा सहायक सह टाइपिस्ट एवं वरिष्ठ लिपिक सह टाइपिस्ट के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को टंकण परीक्षा देनी होगी। हालांकि टंकण परीक्षा के अंक अंतिम चयन सूची में नहीं जुड़ेंगे लेकिन अभ्यर्थियों को यह परीक्षा पास करना जरूरी होगी। अभ्यर्थियों को अंग्रेजी में न्यूनतम 30 शब्द प्रति मिनट और हिंदी में 25 शब्द प्रति मिनट की रफ्तार से टंकण परीक्षा उत्तीर्ण करना आवश्यक होगा। हालांकि अभ्यर्थियों चयन के लिए द्वितीय स्तर की लिखित परीक्षा के अंक से ही मेरिट बनेगी।

एएसएम सहित अन्य की दक्षता परीक्षा

सहायक स्टेशन मास्टर और ट्रेफिक सहायक पद के लिए अभ्यर्थियों की अंतिम सूची दक्षता परीक्षा के आधार पर बनेगी। इन पद के लिए लिखित परीक्षा और दक्षता परीक्षा के अंकों को 70 अनुपात 30 के तहत आंका जाएगा और उसी के अनुसार नियुक्ति के लिए चयन सूची जारी होगी। इसके अलावा कमर्शियल अप्रेंटिस, टे्रफिक अप्रेंटिस, ईसीआरसी और गुड्स गार्ड पद के लिए एक पद पर आठ अभ्यर्थियों को दक्षता परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा। हालांकि इन पद के लिए भी दक्षता परीक्षा के अंक नहीं जुड़ेंगे। अलबत्ता द्वितीय चरण की परीक्षा के अंकों के आधार पर ही अंतिम चयन सूची जारी होगी।


Read More

Sunday, May 14, 2017

Praveen Singh

लक्ष्य आधारित होगी विद्यालयों की निरीक्षण व्यवस्था : देवनानी



अजमेर। शिक्षाअधिकारियों द्वारा राज्य के विद्यालयों की निरीक्षण व्यवस्था को प्रभावी बनाने के अंतर्गत पंचायत शिक्षा अधिकारी, बीईओ और जिला शिक्षा अधिकारियों को लक्ष्य आधारित व्यवस्था के अंतर्गत कार्य करना होगा। जुलाई-अगस्त में इस संबंध में अभियान के रूप में निरीक्षण नीति के तहत शिक्षा अधिकारियों को प्रतिदिन, साप्ताहिक और मासिक रूप में विद्यालयों का निरीक्षण करने के साथ ही विद्यालयी व्यवस्था के संबंध में राज्य सरकार को रिपोर्ट देनी होगी। 

शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने शिक्षा विभाग के कार्मिकों का सेवा रिकार्ड आॅनलाइन संधारित किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शाला दर्पण और शाला दर्शन पोर्टल के अंतर्गत शिक्षा विभाग के समस्त कार्मिकों का सेवा रिकाॅर्ड भी अलग से संधारित किया जाए। देवनानी मुख्यमंत्री सलाहकार समूह के उप समूह शिक्षा की बैठक में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने राज्य के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों का कैडर निर्धारित करने, आंगनबाड़ी में पाठ्यक्रम के अंतर्गत बच्चों को संस्कारित करने वाली पाठ्यसामग्री विकसित करने तथा वहां पर दानदाताओं के सहयोग से टॉयज बैंक की स्थापना किए जाने पर भी शिक्षा अधिकारियों को अपने स्तर पर कार्यवाही करने पर जोर दिया है। शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि विद्यालयों में अभिभावक-शिक्षक बैठकों के आयोजन के अच्छे परिणाम सामने आए हैं। इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि वर्ष में चार बार पीटीएम का आयोजन विद्यालयों में हो। इसके अंतर्गत अभिभावक रूप में विद्यालय में कम से कम एक बार बच्चे की मां आए यह भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने मिड डे मील का पोस मशीन की तर्ज पर बायोमैट्रिक आधार पर वितरण किए जाने के संबंध में भी विचार करने पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा अधिकारी निरीक्षण के दौरान मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता स्वयं अपने स्तर पर परखें। बैठक में राजकीय विद्यालय में अध्ययन करने वाले कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों को नेशनल स्किल डवलपमेंट योजना के तहत जोड़ने, आदर्श और उत्कृष्ट विद्यालयों में संसाधनों का समुचित विकास करने, अच्छा परिणाम देने वाले शिक्षकों को पुरस्कृत किए जाने पर भी सहमति जताई गई। 

स्वामीविवेकानंद माॅडल स्कूल वेबसाइट का लोकार्पण 

शिक्षाराज्य मंत्री वासुदेव देवनानी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री सलाहकार समूह के उप समूह शिक्षा की बैठक के दौरान ही राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा निर्मित स्वामी विवेकानंद माॅडल स्कूल की वेबसाइट का लोकार्पण किया। शिक्षा विभाग के शासन सचिव नरेशपाल गंगवार ने बताया कि इस वेबसाइट के निर्मित होने के बाद अब प्रदेश के सभी स्वामी विवेकानंद माडल स्कूलों से संबंधित रिकार्ड का आॅनलाइन संधारण सुनिश्चित हो सकेगा। 


Read More
Praveen Singh

सेकेंडरी एजुकेशन बाेर्ड इस साल करा सकता है रीट, स्टेट गवर्नमेंट को लिखा लेटर




अजमेर.राज्य सरकार की हरी झंडी मिलने पर राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड इस वर्ष रीट का आयोजन करा सकता है। बोर्ड अपनी ओर से तैयारी कर रहा है। बोर्ड ने राज्य सरकार को भी पत्र लिखा है। रीट का अंतिम बार आयोजन 7 फरवरी 2016 को किया गया था। यह रीट 2015 के नाम से आयोजित हुई थी।

इस पात्रता परीक्षा में प्रदेश के करीब पौने नौ लाख अभ्यर्थी प्रविष्ट हुए थे। इसके बाद रीट का आयोजन अब तक नहीं हो सका है। बोर्ड अध्यक्ष प्रो. बीएल चौधरी ने संकेत दिए हैं कि इस वर्ष रीट का आयोजन हो सकता है। बोर्ड ने सरकार को पत्र में लिखा है कि दिसंबर तक इसका आयोजन करा लिया जाए।

गर्ग के समय दो बार हुई थी आरटेट

बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष डॉ. सुभाष गर्ग के कार्यकाल में बोर्ड ने दो बार आरटेट का आयोजन 2011 2012 में किया था। इसके बाद 2013 में राज्य में सरकार बदलने पर आरटेट नहीं हो सका था। बाद में 2015 में राज्य सरकार ने आरटेट के स्थान पर रीट कराने का फैसला लिया। रीट 2015 का आयोजन बोर्ड ने फरवरी 2016 में किया था।

अक्टूबर से पहले चाहते हैं बोर्ड अध्यक्ष

इधर प्रो. बीएल चौधरी का कार्यकाल इस वर्ष अक्टूबर में पूरा हो रहा है। प्रो. चौधरी की मंशा भी है कि राज्य सरकार रीट का आयोजन इससे पूर्व ही करा ले। वे अपने कार्यकाल में दूसरी बार रीट का आयोजन कराना चाहते हैं।

रीट को लेकर बोर्ड ने राज्य सरकार को पत्र भेजा है। इस साल में रीट के आयोजन की संभावना है। प्रो.बीएल चौधरी, अध्यक्ष, राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर


Read More

Saturday, May 13, 2017

Praveen Singh

कमाने की चिंता में बस्ता भूल गए बच्चे



प्रशासन की सतर्कता के बावजूद मजदूरी को मजबूर बच्चे 

भास्करन्यूज | ब्यावर 

स्कूलोंमें प्रवेश योग्य बच्चों को भले घर-घर ढूंढकर प्रवेश दिलाने का अभियान चल रहा हो लेकिन एेसे कई बच्चे है, जिन पर शिक्षा विभाग की नजर है आैर ही श्रम विभाग की। हाल यह है कि इन बच्चों का बचपन भी हुकूम हुजूरी में ही बीत रहा है। इस उम्र के बच्चों के हाथों में जहां सरकार खिलौने किताबे थमानें का अभियान चला रही है। वहीं शहर में अधिकांश दुकानों पर बाल श्रमिक काम कर रहे हैं। जिस पर प्रशासन की कभी नजर नहीं पड़ी है। इस काम को देखने वाले विभाग के अधिकारी भी बाल श्रम को रोकने में कुछ नहीं कर पा रहे है। 

खुलेआम बाल श्रम : ताज्जुबयह है कि प्रमुख चौराहों पर खुले आम बाल श्रम को विभागीय अधिकारियों ने भी अनदेखा कर दिया है। रिकॉर्ड में बाल श्रम पर पूरी तरह अंकुश लगा है। जबकि हकीकत में अकेले शहर में ही सैकड़ों बच्चे काम करते देखे जा सकते है। होटल, रेस्टोरेंट, खाद्य पदार्थो की दुकानों सहित बड़े प्रतिष्ठानाें पर भी बड़ी संख्या में आसपास के गांवों के बच्चे मजदूरी कर रहे है। 

यहहै बाल श्रम अधिनियम : श्रमविभाग के अधिकारियों के अनुसार बाल श्रमिक वह है, जिसने 14 वर्ष की आयु पूरी नहीं की हो। बाल श्रम(प्रतिषेध विनियमन) अधिनियम 1985 के अनुसार जोखिमपूर्ण व्यवसाय पर बाल श्रमिक प्रतिबंधित है। यदि कोई बाल श्रमिकांें को नियोजित करता पकड़ा जाता है तो दोष साबित होने पर दस हजार रुपए का जुर्माना तीन माह की कैद या दोनों हो सकती है। दूसरी बार पकड़े जाने पर बीस हजार रुपए का जुर्माना तीन माह की सजा का प्रावधान है। गैर जोखिमपूर्ण कार्य में बाल श्रमिकों को नियाेजित करने पर दस हजार रुपए का जुर्माना तीन माह की सजा का प्रावधान है। इसके बावजूद शहर में प्रमुख चौराहों सार्वजनिक स्थलों पर बच्चे काम करते देखे जा सकते है। 

बिनाश्रम निरीक्षक के कैसे हो कार्रवाई : श्रमविभाग कार्यालय में श्रम निरीक्षक का पद लम्बे समय से रिक्त चलने के कारण शहर की दुकानों पर संचालकों की ओर से बाल श्रम करवाने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। आलम यह है कि कार्यालय में केवल श्रम अधिकारी ही नियुक्त है। जिन्हें अजमेर का भी पद भार सौंपा हुआ है। जिस कारण श्रम अधिकारी के.एस.झीबा दोनों कार्यालयों का कार्य निपटाने में व्यस्त रहते है। इस मामले के बारे में पूछने पर श्रम अधिकारी ने अवकाश पर होेने की बात कहीं। 

फिरकैसा प्रवेशोत्सव : शिक्षाविभाग हर साल नए शैक्षिक सत्र में नवप्रवेशित बच्चों को तिलक लगाकर ढोल ढमाकों के साथ उनके शाला प्रवेश का प्रचार प्रसार करता है। होटलों पर हुकूम हुजूरी कर रहा बचपन सरकार के प्रवेशोत्सव पर भी सवाल उठा रहा है। इस उत्सव का उद्देश्य ऐसे बच्चों को विद्यालयों में नामांकित करवाना है, जो कभी स्कूलों की दहलीज तक नहीं गए। लेकिन हर तीसरी होटल ढाबों पर बाल श्रमिकों की मौजूदगी प्रवेशोत्सव का मुंह चिढ़ा रही है। इसी का नतीजा है कि ब्लॉक में ड्राप आउट बच्चों की संख्या 80 है। जिसमें 50 लडके 30 लडकी शामिल है। 

^जवाजा ब्लॉक में कुल 80 बच्चे ड्राॅप आउट है। जिसमें 50 बालक 30 बालिकाएं शामिल है। प्रवेशोत्सव कार्यक्रम के तहत इन बच्चों को स्कूलों से जोड़ने का प्रयास किया गया है। जहां प्रथम चरण में कोई नहीं जुड़ा है। द्वितीय चरण में बच्चों को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। दर्शनामाथुर, प्रवेश प्रभारी, जवाजा ब्लॉक 


Read More
Praveen Singh

अवकाश के दिनों में खुलेंगे शिक्षा कार्यालय


ब्यावर| सर्वशिक्षा अभियान की ओर से आयोजित होने वाले ग्रीष्मावकाश आवासीय शिक्षक प्रशिक्षण के आयोजन के लिए शनिवार रविवार को प्रदेश के समस्त जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय सहित ब्लॉक कार्यालयों में अन्य दिनों की तरह कार्य होगा। सर्व शिक्षा अभियान के अधिकारियों ने बताया कि 15 मई से 17 जून तक होने वाले आवासीय शिक्षक प्रशिक्षण शिविर में आने वाले शिक्षकों को कोई परेशानी ना हो, इसके लिए शिक्षा विभाग ने संबंधित जिला ब्लॉक स्तरीय कार्यालयों को अवकाश के दिन भी खोलने के आदेश दिए हैं। कार्यालय के कर्मचारी अधिकारी प्रशिक्षण स्थलों में आने वाले शिक्षकों को दी जाने वाली व्यवस्था को सुनिश्चित करेंगे। 


Read More

Wednesday, May 10, 2017

Praveen Singh

टीचर्स ने ढोल-मंजीरे बजाकर पहनाई माला, कुछ यूं पूजा नाग देवता को



अजमेर।

ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविरों को आवासीय करने के विरोध में शिक्षक संघ सियाराम के पदाधिकारियों व शिक्षकों ने कलक्ट्रेट के बाहर नाग पूजा की। संघ के जिला मंत्री रेवत सिंह ने बताया कि नागरूपी बैनर कलक्ट्रेट के बाहर रखकर कार्यकर्ताओं ने रोली-मोली से पूजा कर माला चढ़ाई। वहीं नाग देवता को दूध पिलाने की परंपरा भी निभाई।

संगठन के सदस्यों ने ढोल, झालर, मजीरे, खड़ताल व घंटी बजाकर आरती की। कार्यकर्ताओं ने आवासीय शिविरों के विरोध में जमकर नारेबाजी की। उन्होंने शिविरों को गैर आवासीय नहीं करने पर बहिष्कार की चेतावनी भी दी।

प्रदेश महामंत्री बृजेन्द्र शर्मा, सावित्री शर्मा, अनुराधा शर्मा, राजेश दुबे, माकनलाल माली, नीतू चतुर्वेदी, मीना शर्मा, प्रदीप अरजानी, मनोज वैष्णव, जितेन्द्र माथुर, लालचंद शर्मा, ईश्वर सिंह, प्रकाश सिंह, नगेन्द्र सिंह, मुकेश शर्मा, दिनेश शर्मा, रमेश आचार्य, नीतू सिंह आदि मौजूद रहे।

कल करेंगे शिक्षक प्रदर्शन

राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय की ओर से आवासीय शिक्षक प्रशिक्षण शिविरों के विरोध में 11 मई को कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया जाएगा। संघ के जिलाध्यक्ष भंवर सिंह राठौड़ ने बताया कि ग्रीष्मावकाश में गैर आवासीय शिविरों को इस वर्ष सरकार ने आवासीय कर दिया है, इससे शिक्षक-शिक्षिकाओं को भीषण गर्मी में ना केवल परेशानी होगी बल्कि प्रशिक्षण स्थल वाले विद्यालयों में पानी-बिजली सहित गर्मी से राहत की कोई सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं होगी।

कई शिक्षिकाएं मासूम बच्चों को घर पर अकेला नहीं छोड़ सकती तो कई शिक्षक अपने बीमार अभिभावकों को छोड़कर छह दिनों से शिविरों में रात-दिन नहीं रह सकते हैं। 

Read More
Praveen Singh

जेईई एडवांस-2017 के प्रवेश पत्र अपलोड, 21 मई को होगी परीक्षा

अजमेर।

आईआईटी में प्रवेश के लिए होने वाली जेईई एडवांस परीक्षा के प्रवेश पत्र वेबसाइट पर अपलोड हो गए हैं। विद्यार्थी इन्हें डाउनलोड सकते हैं।

सीबीएसई के तत्वावधान में हुई जेईई मेन्स में उत्तीर्ण करीब 2.20 लाख विद्यार्थी आईआईटी में प्रवेश के लिए जेईई एडवांस परीक्षा देंगे।

बुधवार को विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र वेबसाइट पर अपलोड हो गए। आआईआई मद्रास 21 मई को परीक्षा कराएगा। पहला पेपहर सुबह 9 से 12 बजे और दूसरा दोपहर 2 से 5 बजे तक होगा। परिणाम 11 जून को घोषित होगा।

भारत सहित कई देश के विद्यार्थी देंगे परीक्षा

जेईई एडवांस में भारत सहित नेपाल, श्रीलंका, भूटान, पाकिस्तान, बांग्लादेश, मालद्वीव, अफगानिस्तान और अन्य देशों के विद्यार्थी शामिल होंगे। उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों को वरीयतानुसार देश के विभिन्न आईआईटी में प्रवेश मिलेगा। राजस्थान में अजमेर, जयपुर, उदयपुर सहित अन्य शहरों में यह परीक्षा होगी। 

Read More
Praveen Singh

टीचर बनने के लिए हो जाएं तैयार, 14 मई को होगी पीटीईटी



अजमेर।

 महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय पीटीईटी-2017 की तैयारियों में जुट गया है। गुरुवार से विश्वविद्यालय राज्य के विभिन्न जिलों में परीक्षा सामग्री भेजना शुरू करेगा।

परीक्षा समन्वयक प्रो. बी. पी. सारस्वत ने बताया कि राज्य में 14 मई को दो पारियों में पीटीईटी और बीएससी/बीए बीएड परीक्षा होगी। इसमें 2 लाख 30 हजार अभ्यर्थी शामिल होंगे।

दोपहर 2 से शाम 5 बजे होने वाली पीटीईटी के लिए सभी जिला मुख्यालयों पर 602 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। वहीं सुबह 9 से 12 बजे होने वाली बीएससी/बीए बीएड में 32 हजार अभ्यर्थी बैठेंगे।

इसके लिए 62 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा सामग्री गुरुवार से रवाना की जाएगी। इसको लेकर सभी जिला कलक्टर, पुलिस अधीक्षक, कॉलेज शिक्षा, स्कूल शिक्षा विभाग को पत्र लिखे गए हैं।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

पीटीईटी परीक्षा के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे। केंद्राधीक्षकों के अलावा पर्यवेक्षक परीक्षा के दौरान नजर रखेंगे। नकल रोकने के लिए उडऩदस्ते आकस्मिक जांच करेंगे। प्रत्येक केंद्र पर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। 

Read More

Tuesday, May 2, 2017

Praveen Singh

जिले में 2077 students को मिली A ग्रेड, पाचंवी बोर्ड परीक्षा परीणाम घोषित

अजमेर.
 जिले में आयोजित पांचवीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम सोमवार को घोषित कर दिया गया है। परीक्षा परिणाम में ग्रेड ए प्लस, ग्रेड ए, बी, सी एवं ग्रेड डी दी गई है। अजमेर सहित सभी ब्लॉकवार ग्रेड अनुसार परिणाम जारी किया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) सुरेशचन्द्र व्यास एवं डाइट प्रधानाचार्य पंवार ने परिणाम जारी किया है।

पांचवीं बोर्ड परीक्षा में कुल 28 हजार 668 विद्यार्थी पंजीकृत रहे। इनमें से 2077 विद्यार्थियों को ग्रेड ए प्लस मिली। सर्वाधिक विद्यार्थियों 19033 को ग्रेड ए मिली। 5744 विद्यार्थियों को ग्रेड बी, 524 को ग्रेड सी तथा 22 को ग्रेड डी मिली है। जबकि अनुपस्थित एवं अन्य विद्यार्थियों की संख्या 1268 रही।

सर्वाधिक डी ग्रेड केकड़ी ब्लॉक में जिले में डी ग्रेड वाले कुल 22 विद्यार्थियों में से सर्वाधिक 16 केकड़ी ब्लॉक के हैं। सिलोरा ब्लॉक के तीन एवं जवाजा, पीसांगन, व सावर ब्लॉक के एक-एक विद्यार्थी शामिल हैं। जबकि अजमेर शहर, अरांई, भिनाय, मसूदा एवं श्रीनगर का एक भी विद्यार्थी डी ग्रेड में नहीं है।जवाजा में सी ग्रेड अधिक जवाजा ब्लॉक में सी ग्रेड में भी विद्यार्थियों का आंकड़ा 226 तक पहुंच गया।

 पीसांगन में 69, केकड़ी में 63, एवं सिलोरा में 44 है। सबसे कम सी ग्रेड के मामले में अजमेर शहर में मात्र 10 एवं सावर में 12 विद्यार्थी हैं।सिलोरा एवं केकड़ी ग्रेड ए प्लस में अव्वल जिले के सिलोरा ब्लॉक में सर्वाधिक 423 विद्यार्थियों को ग्रेड ए प्लस मिली हैं जबकि केकड़ी में 363 विद्यार्थी हैं। कुल संख्या के लिहाज में केकड़ी अव्वल हैं। केकड़ी में कुल 2583 विद्यार्थियों में से 363 तो सिलोरा में 3569 में से 423 को ग्रेड ए प्लस मिली है। 

Read More
Praveen Singh

आरपीएससी ने वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक शिक्षा) परीक्षा 2016 में किया बड़ा फेरबदल, अब सिर्फ यह दो पेपर होंगे ऑनलाइन


अजमेर.
वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक शिक्षा) भर्ती परीक्षा-2016 की विषयवार परीक्षाएं 28 जून से होगी। राजस्थान लोक सेवा आयोग ने परीक्षा कार्यक्रम घोषित कर दिया है। आठ विषयों की परीक्षाएं होनी हैं। एक दिन में दो पारियों में दो-दो विषयों की परीक्षाएं होंगी। उर्दू व पंजाबी विषय की परीक्षाएं ऑनलाइन जबकि शेष छह विषयों की ऑफ लाइन ली जाएंगी।

आयोग अध्यक्ष डॉ. ललित के. पंवार ने बताया कि आयोग के प्रयास थे कि सभी परीक्षाएं ऑनलाइन ली जाएं ताकि निष्पक्षता व पारदर्शिता से परीक्षाएं कराई जा सके लेकिन कुछ विषयों में अभ्यर्थियों की संख्या का आंकड़ा दो से तीन लाख से अधिक जा पहुंचा है।

 एेसे में प्रदेश में कहीं भी 25 हजार से अधिक कम्प्यूटर उपलब्ध नहीं हैं। फिर भी परीक्षाएं ऑनलाइन लेने का प्रयास किया जाता तो कई चरणों में लेनी पड़ती। साथ ही परीक्षार्थियों की कम्प्यूटर को लेकर व विषयों के अनुरूप विषमताएं व शिकायतें आने की संभावनाएं रहती। एेसे में आयोग ने जिन विषयों में कम अभ्यर्थी थे उनकी परीक्षा ऑनलाइन व शेष की परीक्षाएं ऑफ लाइन करने का निर्णय किया है।

परीक्षा कार्यक्रम

ऑनलाइन परीक्षा : 28 जून 2017विषय समय अभ्यर्थीउर्दू सुबह 9 से 11.30 बजे तक 7469पंजाबी दोपहर 3 से 5.30 बजे तक 3242

ऑफ लाइन परीक्षा : 30 जून 2017

विषय समय अभ्यर्थी

गणित सुबह 9 से 11.30 बजे तक 37063

संस्कृत दोपहर 3 से 5.30 बजे तक 1 लाख 31 हजार 586

1 जुलाई 2017

विज्ञान सुबह 9 से 11.30 बजे तक 64 हजार 711

हिंदी दोपहर 3 से 5.30 बजे तक 2 लाख 52 हजार 851

2 जुलाई 2017

अंग्रेजी सुबह 9 से 11.30 बजे तक 59 हजार 225

सामाजिक विज्ञान दोपहर 3 से 5.30 बजे तक 3 लाख 37 हजार 806

Read More