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Friday, May 5, 2017

Praveen Singh

Praveshotsav Slogan

*शाला प्रवेशोत्सव स्लोगन 2017-18*👇👇

१.
कोई न छूटेगा इस बार,
शिक्षा है सबका अधिकार' ‘

२.
'हिन्दु-मुस्लिम, सिख-इसाई . मिलकर के सब करें पढ़ाई’ ‘

३.
चाहे आधी रोटी ही खायेंगे,
लेकिन स्कूल जरूर जायेंगे’ ‘

४.
अब ना करो अज्ञानता की भूल,
हर बच्चे को भेजो स्कूल’ ‘

५.
एक भी बच्चा छूटा,
संकल्प हमारा टूटा' '

६.
घर-घर विद्या दीप जलाओ,
अपने बच्चे सभी पढ़ाओ',

७.
पढ़ी लिखी नारी,
घर-घर की उजियारी' '

८.
पढेंगे पढ़ायेंगे,
उन्नत देश बनाएंगे' ‘

९.
अनपढ़ होना है अभिशाप,
अब न रहेंगे अंगूठा छाप' ‘

१०.
शिक्षा से देश सजाएंगे,
हर बच्चे को पढ़ाएंगे’ '

११.
21वीं सदी की यहीं पुकार,
शिक्षा है सबका अधिकार’

१२.
‘हर घर में चिराग जलेगा,
हर बच्चा स्कूल चलेगा’

१३.
लड़का-लड़की एक समान,
यही संकल्प, यही अभियान’

१४.
‘मम्मी पापा हमें पढ़ाओ,
स्कूल में चलकर नाम लिखाओ’

१५.
‘हर घर में एक दीप जलेगा,
हर बच्चा स्कूल चलेगा’ ।

१६.
'हम भी स्कूल जाएंगे,
पापा का मान बढ़ाएंगे’

१७.
'दीप से दीप जलाएंगे,
साक्षर देश बनाएंगे'

१८.
'मिड डे मील हम खाएंगे,
   स्कूल में पढ़ने जाएंगे'।

१९.
'शिक्षा ऐसी सीढ़ी है,
जिससे चलती पीढ़ी है।

२०.
सर्व शिक्षा का है कहना,
पढ़ने जायें भाई बहना'

२१.
'सर्व शिक्षा का अभियान,
सबको मिले प्राथमिक ज्ञान'

२२.
पापा सुन लो विनय हमारी,
पढ़ने की है उम्र हमारी|

२३.
बच्चे मांगे प्यार दो,
शिक्षा का अधिकार दो|

२४.
'हम बच्चों का नारा है,
शिक्षा - अधिकार हमारा है|


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Thursday, April 27, 2017

Praveen Singh

इस बार स्कूलों में बढ़ाने होंगे 35 हजार बच्चे

बूंदी. अपनाबच्चा- अपना विद्यालय अभियान की बैठक गुरुवार को कलेक्ट्रेट में कलेक्टर एनके ठकराल की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि नामांकन के नाम पर खानापूर्ति नहीं की जाए। इस बार नामांकन को लेकर काफी गंभीर प्रयास किए जाएंगे।

बैठक में बताया गया कि इस बार 18 हजार 500 बच्चे सेकंडरी स्तर पर और 15 हजार 500 बच्चे मिडिल स्तर के सरकारी स्कूलों में बढ़ाने का लक्ष्य है। जिसे पूरा करने के लिए शिक्षकों के साथ ही अभिभावक, स्वंयसेवी संगठन, शिक्षाविद और अन्य कर्मचारी भी प्रयास करेंगे। नामांकन को लेकर यह पहली जिलास्तरीय बैठक थी। बैठक में डीईओ माध्यमिक रमेशचंद शर्मा, प्रारंभिक मनोहरसिंह भाटी, एसएसए के एडीपीसी राजेंद्र भारद्वाज सहित कई संगठनों के प्रतिनिधि, शिक्षािवद् भी मौजूद थे।

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Monday, April 24, 2017

Praveen Singh

अपना बच्चा, अपना विद्यालय से बढ़ेगा नामांकन

पाली. सरकारी विद्यालयों में प्रवेशोत्सव के ढोल तो हर साल बजते है, लेकिन नामांकन में बढ़ोतरी आशानुरूप नहीं होती है। एेसे में इस बार 'अपना बच्चा, अपना विद्यालय' थीम पर अभियान चलाया जाएगा। इससे अनाम व ड्रॉप आउट बालक-बालिकाओं को स्कूल से जोडऩे के साथ सामान्य विद्यार्थियों को प्रवेश देकर नामांकन में वृद्धि की जाएगी। इसके लिए पहली बार प्राथमिक व उच्च प्राथमिक कक्षाओं के लिए लक्ष्य तय किए गए है।

इनका लेंगे सहयोग

अभियान में विद्यालय प्रबंधन कई लोगों का सहयोग लेगा। इसमें ब्लॉक प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग, सतत शिक्षा विभाग, शिक्षाविदों, प्रबुद्ध नागरिकों, भामाशाहों व स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग भी लिया जाएगा।

26 से शुरू होगा पहला चरण

प्रवेशोत्सव का पहला चरण 26 अप्रेल से शुरू होगा। इसमें पहले दिन विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठक में प्रवेशोत्सव के तहत किए जाने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जाएगी। अभियान के दूसरे दिन जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों व बच्चों के साथ रैली निकाली जाएगी। विद्यालय में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों का स्वागत 28 अप्रेल को किया जाएगा। विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक 29 अपे्रल को, बाल सभा व सांस्कृतिक कार्यक्रम 1 मई को, खेलकूद प्रतियोगिता व शिक्षण अधिगम सामग्री का प्रदर्शन 2 मई को किया जाएगा। बच्चों को 3 मई के दिन स्थानीय दर्शनीय स्थलों पर ले जाया जाएगा। नव प्रवेशित विद्यार्थियों व अभिभावकों का स्वागत 4 मई को किया जाएगा। बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण 5 को करने के बाद छह को बच्चों की टोलियां बनाकर अभिभावकों से सम्पर्क किया जाएगा। इसके बाद 8 से 10 मई तक समस्याओं का समाधान करने के साथ अभियान के दौरान किए कार्यों की समीक्षा की जाएगी।

अलग-अलग लक्ष्य तय

हर स्कूल के लिए अलग-अलग लक्ष्य तय किए गए हैं। इसकी सूची भी तैयार कर ली गई है। नामांकन वृद्धि के लिए एेसा पहली बार किया गया है। लक्ष्य से कम उपलब्धि होने पर कार्रवाई की जाएगी।

गोरधनलाल सुथार, जिला शिक्षा अधिकारी, प्रारम्भिक, पाली

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Friday, April 21, 2017

Praveen Singh

सिरोही की निगाहें-प्रवेशोत्सव के पहले ही चरण में लक्ष्य पाने की कवायद

सिरोही ।
हो गई है पीर पर्वत सी पिघलनी चाहिए, फिर हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए, सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं, मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए। हिन्दी गजल के पुरोधा दुष्यंत कुमार की ये पंक्तियां अब शिक्षा विभाग में दोहराई जाएगी। सिरोही को शैक्षणिक सत्र 2017-18 के प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में जो लक्ष्य दिया गया है वह पहले ही चरण में पूरा हो। इसके लिए शिक्षा विभाग ने प्लानिंग की है। शिक्षक प्रवेशोत्सव के दूसरे चरण का इंतजार न कर पहले ही चरण में लक्ष्य प्राप्त करेंगे। अब शिक्षक पहले ही चरण में जिले को दिए हुए लक्ष्य प्राप्ति के लिए ऐडी चोटी का जोर लगाएंगे। शिक्षक सरकारी स्कूलों के प्रति अभिभावकों में विश्वास पैदा करेगा कि आपके लाल को सरकारी स्कूलों में दाखिला (प्रवेश) दिलाओ। साथ ही समाज को सही नेतृत्व देने के लिए, बच्चे की समझ बढ़ाने के लिए अब समन्वित प्रयास किए जाएंगे। बच्चे का प्रवेश स्कूल में होने के बाद पोर्टल पर एंट्री के साथ ही प्रवेश आवेदन पत्र एवं कक्षा उपस्थिति रजिस्टर में बालक के नाम के साथ प्रवेश कराने वाले प्रेरक शिक्षक का नाम आवश्यक रूप से लिखना होगा। नवप्रवेशी बच्चे को नए माहौल में घुलने-मिलने, झिझक दूर करने के लिए विद्यालय में उपलब्ध संसाधानों टीवी, एलईडी, खेल-सामग्री, कम्प्यूटर लैब, खिलौने का उपयोग करना होगा। ऐसे में जब बच्चा छुट्टी के बाद हंसता हुआ घर जाएगा तो एक नए बच्चे को अगले दिन अपने साथ लेकर आएगा।
यह उपाय भी होगा कारगर
प्राथमिक कक्षाओं में ठहराव सुनिश्चित करने के लिए पूरे समय कक्षा में अध्यापक का होना जरूरी है। इसके लिए संस्था प्रधान एसएमसी, जनसहयोग, भामाशाहों की मदद से स्थानीय शिक्षित महिला को मानदेय पर अध्यापिका के रूप में लगा सकते है। सब कुछ उम्मीदों के मुताबिक हुआ तो समन्वय और सामंजस्य से स्कूलों में प्रथम चरण में ही लक्ष्य अर्जित हो जाएगा। ऐसे में प्रवेशोत्सव का दूसरा चरण तो शिक्षकों की उपलब्धियों की चर्चा का होगा। साथ ही नामांकन में वृद्धि होने से युवकों को सम्मानजनक रोजगार मिलेगा। स्कूलों में सुंदरता और संसाधनों में बढ़ोतरी तो होगी ही, नए पद भी सृजित होंगे।
इस तरह होगा लक्ष्य प्राप्त
प्रवेशोत्सव का पहला चरण 26 अप्रेल से 10 मई तक।
अपने परिक्षेत्र (कैचमेंट एरिया) का नजरी नक्शा बनाना।
नजरी नक्शा के मुताबिक प्रवेश योग्य बच्चों की पहचान कर ली है।
किस शिक्षक को किन पांच बच्चों का नवीन प्रवेश कराना है।
लक्षित समूह को विद्यालय से जोडऩे के लिए सामूहिक रूप से भ्रमण कर अभिभावकों को सरकारी विद्यालयों में मिलने वाली सुविधाओं की नियमित चर्चा करना।
समाज ने सदा शिक्षक का विश्वास किया है आगे भी करेगा। समन्वय, सहयोग और सामंजस्य से सफलता मिलेगी।
नवीन प्रवेश सबसे पहले ऐसे बालकों का कराना हो जो संभ्रांत/शिक्षित/नौकरी पेशा परिवार से हो।
योजना बनाई है...
प्रवेशोत्सव को लेकर कार्य योजना बनाई है। यह संस्था प्रधानों, शिक्षकों को भेज दी है। सभी से उम्मीदें और विश्वास है कि पहले चरण के समाप्ति  10 मई तक लक्ष्य पूरा हो जाएगा।
चन्द्रमोहन उपाध्याय, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) सिरोही


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